राहुल गांधी को मजबूरी में आगे बढ़ाया गया, कांग्रेस में नेतृत्व शून्य: किरेन रिजिजू
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 10 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि कांग्रेस पार्टी नेतृत्वहीनता के संकट से जूझ रही है और राहुल गांधी को 'कुछ लोगों ने मजबूरी में आगे बढ़ा रखा है।' रिजिजू ने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने जो प्रगति की है, उसकी कोई तुलना नहीं है।
मोदी सरकार की उपलब्धियों पर रिजिजू का बयान
रिजिजू ने कहा, 'मुझे साफ दिखाई देता है कि देश को 'विकसित राष्ट्र' बनाने के लिए लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोड़कर किसी और के बारे में नहीं सोचते।' उन्होंने तर्क दिया कि जो काम 50 वर्षों में नहीं हो सका, वह 12 वर्षों में पूरा हुआ — सड़क निर्माण की गति, रेलवे का विद्युतीकरण, नए हवाई अड्डे, घरों तक बिजली-पानी की आपूर्ति और गरीबों को आवास। उनके शब्दों में, '2014 से पहले देश चल रहा था, लेकिन 2014 के बाद देश दौड़ रहा है।'
कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
रिजिजू ने कहा कि विपक्ष अपने नेतृत्व और चरित्र के कारण कमज़ोर है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस बिखर चुकी है और इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज़िम्मेदार नहीं है।' राहुल गांधी के नेतृत्व पर उन्होंने सीधे कहा, 'राहुल गांधी का कोई नेतृत्व नहीं है। कुछ लोगों ने उन्हें मजबूरी में आगे बढ़ा रखा है। वे देश के लिए नहीं जी सकते। वे 70 प्रतिशत समय विदेशों में बिताते हैं। देश में वापस आकर एक-दो बयान देते हैं और फिर विदेश भाग जाते हैं।'
टीएमसी बागी सांसदों और 'इंडिया' गठबंधन पर प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री की प्रशंसा किए जाने पर रिजिजू ने कहा कि जो भी पीएम मोदी के काम से प्रभावित होकर साथ आना चाहता है, उसका स्वागत है। उन्होंने यह भी कहा, 'हम संसद में अच्छे विधेयक और नीतियाँ लेकर आते हैं और कांग्रेस के सांसदों से भी समर्थन माँगते हैं, लेकिन नकारात्मक सोच के कारण कांग्रेस समर्थन नहीं देती।' 'इंडिया' गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें शामिल दल 'मौकापरस्त' हैं और मजबूरी में एक साथ आते हैं।
पश्चिम बंगाल और टीएमसी का भविष्य
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर रिजिजू ने कहा, 'जनता बता चुकी है कि टीएमसी का भविष्य भी कांग्रेस जैसा है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब टीएमसी के कुछ सांसद प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक रूप से तारीफ कर रहे हैं। गौरतलब है कि BJP ने पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए हैं।
आगे क्या
रिजिजू के इन बयानों से 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बहस तेज़ होने के संकेत हैं। BJP का यह आख्यान — कि विपक्ष नेतृत्वहीन और अवसरवादी है — आने वाले महीनों में और मुखर होने की संभावना है।