राहुल गांधी की 54 विदेश यात्राओं पर रिजिजू का हमला: 'अस्पष्टता चिंताजनक, कांग्रेस दे जवाब'

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राहुल गांधी की 54 विदेश यात्राओं पर रिजिजू का हमला: 'अस्पष्टता चिंताजनक, कांग्रेस दे जवाब'

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की 54 विदेश यात्राओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए — फंडिंग की अस्पष्टता, सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और आयकर के दायरे का हवाला देते हुए कांग्रेस से तत्काल जवाब माँगा।

मुख्य बातें

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 15 मई 2026 को राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की फंडिंग और पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
रिजिजू के अनुसार राहुल गांधी ने सांसद बनने के बाद 54 बार विदेश दौरे किए, जिनमें से कई की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
सांसदों के लिए विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और राज्यसभा सचिव को यात्रा की पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।
मंत्री ने दावा किया कि यात्राओं पर राहुल गांधी की घोषित आय से अधिक खर्च हुआ, जिससे यह आयकर का मामला भी बनता है।
रिजिजू ने कांग्रेस से 'तत्काल जानकारी' सार्वजनिक करने का अनुरोध किया; अब तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को मीडिया से बातचीत में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की फंडिंग और खर्च पर कड़े सवाल उठाए। रिजिजू ने कहा कि इन यात्राओं को लेकर बरती जा रही 'अस्पष्टता' गंभीर चिंता का विषय है और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) को पूरे देश के सामने इसका जवाब देना चाहिए।

मुख्य आरोप: 54 दौरे, जानकारी शून्य

रिजिजू ने दावा किया कि राहुल गांधी ने सांसद बनने के बाद 54 बार विदेश दौरे किए, जिनमें से कई यात्राओं की कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा, 'सवाल इसलिए भी गंभीर है कि अगर किसी सांसद को विदेश दौरे पर जाना हो तो राज्यसभा सचिव, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को सूचना देनी होती है। विदेशी सुविधा के बारे में भी सूचना देनी होती है।' उनके अनुसार राहुल गांधी ने इन नियमों का पालन नहीं किया — न यह बताया कि वे कहाँ रुके, न यह कि किससे मिले।

सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को सुरक्षा प्रदान करने वाली एजेंसियाँ उनके बिना सूचना दिए कहीं भी चले जाने की आदत से 'परेशान' हो चुकी हैं। उन्होंने तर्क दिया कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए यदि कोई अप्रिय घटना घटती है, तो सरकार को जवाबदेही उठानी पड़ेगी। रिजिजू ने कहा, 'ऐसे में कोई घटना घटित हुई तो सरकार को इसका जवाब देना पड़ेगा।'

आयकर और खर्च का सवाल

रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर उनकी घोषित आय से अधिक खर्च हुआ है, जिससे यह मामला आयकर के दायरे में भी आता है। उन्होंने कहा कि सांसदों को जनता के करों से वेतन और सुविधाएँ मिलती हैं, इसलिए पारदर्शिता और भी ज़रूरी हो जाती है।

सरकार का रुख और कांग्रेस से अनुरोध

मंत्री ने कहा कि वे सरकार की ओर से यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सभी सांसदों को — बिना किसी अपवाद के — नियमों के तहत अपना हिसाब-किताब पूरा करना होगा। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी से 'तत्काल जानकारी' सार्वजनिक करने का अनुरोध करते हुए कहा, 'इससे उनका ही भला होगा। अन्यथा भविष्य में कोई भी कार्रवाई होने पर कहना कि राहुल गांधी को टारगेट किया गया है।'

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद का सत्र चल रहा है और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तनाव बना हुआ है। अब तक कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह गर्माने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सियासी दबाव से आगे की बात है। असली सवाल यह है कि क्या ये आरोप किसी ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य पर आधारित हैं या केवल राजनीतिक बयानबाज़ी — इसका जवाब न सरकार ने दिया, न कांग्रेस ने। जब तक दोनों पक्ष तथ्य सार्वजनिक नहीं करते, यह बहस जनता की जानकारी के बजाय राजनीतिक स्कोरिंग का साधन बनी रहेगी।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर क्या आरोप लगाए?
रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सांसद बनने के बाद 54 विदेश दौरे किए, जिनमें से कई की जानकारी विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय या राज्यसभा सचिव को नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि यात्राओं पर खर्च राहुल गांधी की घोषित आय से अधिक है, जिससे आयकर का मामला भी बनता है।
सांसदों के विदेश दौरे के लिए क्या नियम हैं?
रिजिजू के अनुसार किसी भी सांसद को विदेश यात्रा से पहले राज्यसभा सचिव, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को सूचित करना अनिवार्य है। इसके अलावा विदेश में मिलने वाली किसी भी सुविधा की जानकारी भी देनी होती है।
क्या यह मामला कानूनी कार्रवाई की दिशा में जा सकता है?
रिजिजू ने संकेत दिया कि यदि कांग्रेस तत्काल जानकारी सार्वजनिक नहीं करती, तो भविष्य में कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आयकर के दायरे का भी उल्लेख किया, हालाँकि किसी औपचारिक जाँच की घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
कांग्रेस ने इन आरोपों पर क्या कहा?
रिजिजू के बयान के समय तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। मंत्री ने पार्टी और राहुल गांधी दोनों से 'तत्काल जानकारी' देने का अनुरोध किया।
यह विवाद राजनीतिक रूप से क्यों अहम है?
राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, जो संवैधानिक रूप से एक महत्वपूर्ण पद है। सत्तापक्ष द्वारा उनकी विदेश गतिविधियों पर सवाल उठाना संसद सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल को और तीखा कर सकता है और आगामी बहसों को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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