महाराष्ट्र ने ATF पर VAT 18% से घटाकर 7% किया, 15 मई से 16 एयरपोर्ट्स पर लागू
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने 15 मई 2026 से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। यह कटौती 14 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी और पश्चिम एशिया संकट के बीच दबाव में आए घरेलू विमानन उद्योग को राहत देने के उद्देश्य से की गई है।
फैसले की पृष्ठभूमि
पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण भारतीय विमानन क्षेत्र को हवाई क्षेत्र बंद होने, अनिश्चित परिचालन स्थितियों और ATF की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने राज्यों से ATF पर VAT कम करने की अपील की थी।
केंद्र ने अपने स्तर पर भी घरेलू अनुसूचित उड़ानों के लिए ATF की कीमतों पर सीमा निर्धारित करने, हवाई अड्डे के शुल्कों में कमी और इमरजेंसी क्रेडिट लिंकेज स्कीम जैसी राहतें पहले ही लागू की हैं।
महाराष्ट्र सरकार की अधिसूचना
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र वैल्यू एडेड टैक्स अधिनियम, 2002 के तहत यह अधिसूचना जारी की। इसके अनुसार VAT में यह छूट 15 मई 2026 से 14 नवंबर 2026 तक — यानी छह महीने के लिए — लागू रहेगी। महाराष्ट्र में फिलहाल 16 हवाई अड्डे संचालन में हैं।
केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस फैसले पर आभार जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नागर विमानन मंत्रालय कुछ समय से, विशेष रूप से संकट के समय में, राज्य सरकारों से ATF पर VAT कम करने की बात कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
यात्रियों और उद्योग पर असर
महाराष्ट्र देश का सर्वाधिक यात्री यातायात वाला राज्य है — आँकड़ों के अनुसार यहाँ लगभग 7.5 करोड़ यात्री सालाना हवाई यात्रा करते हैं। VAT में इस कमी से राज्य के सभी 16 हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन की लागत घटेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ATF किसी भी एयरलाइन के परिचालन खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा होता है, ऐसे में VAT में 11 प्रतिशत अंक की यह कटौती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच हवाई किराए की बढ़ोतरी को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है।
आगे क्या
यह राहत फिलहाल छह महीने के लिए है। उद्योग जगत की नज़र इस बात पर रहेगी कि क्या अन्य राज्य भी केंद्र की अपील पर इसी तरह कदम उठाते हैं। 14 नवंबर 2026 के बाद इस छूट को आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं, यह पश्चिम एशिया की स्थिति और विमानन क्षेत्र की सेहत पर निर्भर करेगा।