गोड्डा में 3 साल की निशा सोरेन की हत्या, शव कुएं में मिला; दो पड़ोसी युवक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गोड्डा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित मकुंड़ी संथाली टोला में तीन वर्षीय निशा सोरेन की गला दबाकर हत्या कर दी गई और उसका शव एक कुएं में फेंक दिया गया। 15 मई को देर रात ग्रामीणों की सतर्कता से शव बरामद हुआ और दो आरोपियों — जारमेन सोरेन एवं प्रेम मुर्मु — को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
निशा सोरेन अपने पिता रमेश सोरेन की पुत्री थी और इन दिनों अपनी नानी के घर मकुंड़ी संथाली टोला में रह रही थी। उसका मूल निवास रमला संथाली टोला, मुफस्सिल थाना क्षेत्र में है। जानकारी के अनुसार, बच्ची गुरुवार दोपहर से लापता थी। परिजनों और ग्रामीणों ने घंटों तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
आधी रात को खोजबीन के दौरान ग्रामीणों ने एक व्यक्ति को बोरा लेकर संदिग्ध तरीके से जाते देखा। ग्रामीणों के अनुसार, वह व्यक्ति छिपकर उस बोरे को पास के कुएं में फेंककर लौट रहा था। संदेह होने पर ग्रामीणों ने उसे रोका और पूछताछ की, जिसमें उसने स्वीकार किया कि बोरे में बच्ची का शव है।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
ग्रामीणों ने कुएं से शव बाहर निकाला। दबाव में आकर पकड़े गए व्यक्ति ने अपने साथी जारमेन सोरेन का नाम भी बताया। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों — जारमेन सोरेन और प्रेम मुर्मु — को पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी।
घटना की सूचना पर मुफस्सिल थाना प्रभारी आनंद साहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों से दोनों आरोपियों को सुरक्षित छुड़ाकर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। थाना प्रभारी आनंद साहा ने बताया कि पड़ोस के ही दो युवकों ने बच्ची की गला दबाकर हत्या की है।
जाँच की स्थिति
पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले की जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।
आम जनता पर असर
इस घटना ने मकुंड़ी संथाली टोला और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ पहले से बनी हुई हैं। गौरतलब है कि ग्रामीणों की सतर्कता न होती तो शव का पता लगाना और कठिन हो सकता था।