अभिषेक बनर्जी को अंतरिम सुरक्षा मिलने पर शिकायतकर्ता का आरोप — 'विदेश से भी हत्या का आदेश दे सकते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने मंगलवार, 11 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज तीन अतिरिक्त मामलों में गिरफ्तारी समेत कड़ी पुलिस कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की। इस फैसले के तुरंत बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता अभिजीत दास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बनर्जी 'मनोरोगी' हैं और विदेश में रहते हुए भी उनकी हत्या का आदेश दे सकते हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल पुलिस ने डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के विरुद्ध कुल 16 मामले दर्ज किए थे। इनमें से 13 मामलों में उन्हें पहले ही अंतरिम सुरक्षा मिल चुकी थी। मंगलवार के आदेश के बाद यह संख्या बढ़कर 16 में से 16 हो गई है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने बनर्जी को आँख के इलाज के लिए तीन सप्ताह की विदेश यात्रा की अनुमति भी दी है।
शिकायतकर्ता के आरोप
भाजपा से जुड़े शिकायतकर्ता अभिजीत दास ने कहा, 'मैं डायमंड हार्बर का रहने वाला हूँ और तृणमूल के शासनकाल में हुए अत्याचारों से अच्छी तरह वाकिफ हूँ। मुझ पर तीन-चार बार हमले हुए, जिसके कारण मुझे गंभीर चोटें आईं और यहाँ तक कि मेरे पैर में धातु की प्लेट भी लगवानी पड़ी। यह सब उन्हीं (अभिषेक) के आदेश पर हुआ था।'
दास ने यह भी दावा किया कि दिसंबर 2018 में उन पर हमला हुआ था जब वे भाजपा के जिला अध्यक्ष थे। उन्होंने कहा, 'जब मैंने एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, तो वह दर्ज नहीं की गई। अगर मुझ पर ऐसे अत्याचार हुए हैं, तो कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि आम जनता ने क्या झेला होगा।'
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बनर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति दिए जाने के संदर्भ में दास ने आरोप लगाया, 'अभिषेक कितने खतरनाक हैं, इसे देखते हुए... मुझे लगता है कि वह एक मनोरोगी (साइको) हैं, इसलिए यह संभव है कि वह विदेश से भी मेरी हत्या का आदेश दे सकते हैं।' हालाँकि, दास ने यह भी जोड़ा कि वे डरते नहीं हैं।
सुरक्षा हटाए जाने का दावा
दास ने दावा किया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के बाद उनकी CISF सुरक्षा हटा ली गई। उन्होंने कहा, 'इस वजह से अब मेरी जान खतरे में है। पुलिस को मेरी सुरक्षा करने का दायित्व निभाना चाहिए।' उनके वकील ने सुनवाई के दौरान भी हत्या की आशंका जताते हुए सुरक्षा की माँग की थी।
शिकायतों का विवरण
दास के अनुसार उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद के खिलाफ कुल 17 शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिनमें से 10 से 12 शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। यह मामला ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
आगे क्या होगा
अभिषेक बनर्जी को मिली अंतरिम सुरक्षा की अगली सुनवाई की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। शिकायतकर्ता दास ने संकेत दिया कि वे अपनी सुरक्षा बहाली के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएँगे। इस मामले का अगला मोड़ इस बात पर निर्भर करेगा कि उच्च न्यायालय शेष मामलों पर क्या रुख अपनाता है।