अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत, 31 जुलाई तक दंडात्मक कार्रवाई पर रोक
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी को 21 मई 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली, जब अदालत ने पश्चिम बंगाल पुलिस को 31 जुलाई 2026 तक उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से रोक दिया। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले आयोजित चुनावी रैलियों में की गई थीं।
कोर्ट का अंतरिम आदेश
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने यह अंतरिम सुरक्षा कुछ शर्तों के साथ दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी को पुलिस की जाँच में पूरा सहयोग करना होगा। इसके अलावा, वे बिना पूर्व अनुमति के विदेश यात्रा नहीं कर सकते और किसी भी आवाजाही से पहले जाँच अधिकारी को 48 घंटे का नोटिस देना अनिवार्य होगा।
मामले की पृष्ठभूमि
शिकायतकर्ता ने टीएमसी सांसद पर विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए भड़काऊ भाषण देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकी देने का आरोप लगाया था। यह एफआईआर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले दर्ज की गई थी, जिसे बनर्जी के वकील ने राजनीति से प्रेरित बताया।
बचाव पक्ष और सरकार के तर्क
वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बंद्योपाध्याय ने हाईकोर्ट में अभिषेक बनर्जी की ओर से पैरवी करते हुए आरोप लगाया कि यह मुकदमा दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने कहा, 'यह सत्ता बदलने के तुरंत बाद दुर्भावनापूर्ण तरीके से मुकदमा चलाने के खिलाफ है।' शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बिलवदल भट्टाचार्य और राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता धीरज त्रिवेदी पेश हुए।
कोर्ट की टिप्पणी
राहत देते हुए भी अदालत ने बनर्जी की विवादित टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि अभिषेक बनर्जी को ये टिप्पणियाँ बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए थीं। गौरतलब है कि यह रोक उनकी उस याचिका पर दी गई है जिसमें उन्होंने एफआईआर रद्द करने की माँग की थी।
आगे क्या होगा
इस मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई 2026 को निर्धारित है। यह मामला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर है और विपक्षी दलों पर कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो रही है। अदालत का 31 जुलाई तक का अंतरिम आदेश बनर्जी को फिलहाल गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करता है।