क्या टीएमसी सांसदों की हिरासत पर ममता बनर्जी भड़कीं?
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी ने सांसदों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।
- विरोध प्रदर्शन में शामिल सांसदों की संख्या आठ थी।
- भाजपा पर विपक्षी पार्टियों को परेशान करने का आरोप लगाया गया।
कोलकाता, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता में आई-पैक कार्यालय पर ईडी की रेड के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच, शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों ने राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं हमारे सांसदों के साथ किए गए शर्मनाक और अपमानजनक बर्ताव की कड़ी निंदा करती हूं। गृह मंत्री के कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने वाले चुने गए प्रतिनिधियों को सड़कों पर घसीटना कानून का पालन नहीं है। यह वर्दी में घमंड है। यह लोकतंत्र है, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र उन लोगों की सुविधा या आराम से नहीं चलता जो सत्ता में हैं। जब भाजपा नेता प्रदर्शन करते हैं, तो वे रेड कार्पेट और विशेष सुविधाओं की उम्मीद करते हैं। जबकि विपक्षी सांसदों को उनकी आवाज उठाने पर घसीटा और अपमानित किया जाता है।
ममता ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि सम्मान आपसी होता है। "आप हमारा सम्मान करेंगे, और हम आपका सम्मान करेंगे। यदि आप हमें सड़क पर घसीटेंगे, तो हम आपको सहिष्णुता, असहमति और लोकतांत्रिक नैतिकता की ओर वापस लाएंगे। यह हमारा भारत है। हम अधिकार से नागरिक हैं, किसी कुर्सी, बैज या सत्ता की दया पर नहीं। कोई भी सरकार, कोई भी पार्टी, और कोई भी गृह मंत्री यह नहीं तय कर सकता कि लोकतंत्र में कौन गरिमा का हकदार है।"
विरोध प्रदर्शन में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों में डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान, सांसदों ने नारे लगाए और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार चुनाव से पहले विपक्षी पार्टियों को परेशान करने के लिए जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। सांसदों को विरोध जताने के लिए पोस्टर के साथ भी देखा गया।