दक्षिणी लेबनान पर इजरायली हमले जारी, टायर जिले में 14 की मौत; एक परिवार के 11 सदस्य मारे गए
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर 21 मई को हवाई ड्रोन हमले और तोपखाने की गोलाबारी तेज कर दी, जबकि संघर्षविराम की घोषणा के बावजूद हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हालिया हमलों में मरने वालों की कुल संख्या 14 हो गई है और 3 लोग घायल हैं। सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते तनाव के बीच यह स्थिति गंभीर मानवीय संकट का रूप लेती जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NNA) के अनुसार, टायर जिले में तोरा और जेनाता इलाकों को जोड़ने वाली सड़क को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया गया। इसके अलावा मरजायून जिले के काब्रिखा गाँव पर भी तोपों से गोलाबारी की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया कि ड्रोन ने टायर के दक्षिण में अल-हन्निये गाँव के निकट खेतों में काम कर रहे किसानों के पास 'साउंड बम' भी गिराए। हालाँकि इन विशेष हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
दीर कानून अन-नाहेर नरसंहार
स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को टायर जिले के दीर कानून अन-नाहेर इलाके पर हुए हमले को 'दीर कानून अन-नाहेर नरसंहार' की संज्ञा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में एक ही परिवार के 11 सदस्य मारे गए, जिनमें तीन बच्चे, उनके माता-पिता और दादा-दादी शामिल थे। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी निंदा का विषय बनी है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब संघर्षविराम समझौते के तहत इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने की उम्मीद थी। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के हमले संघर्षविराम की शर्तों का सीधा उल्लंघन हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने गुरुवार को गृह मंत्री अहमद हजर से मुलाकात की। इस बैठक में देश के सुरक्षा हालात और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई।
NNA के अनुसार, मंत्री हजर ने सीमा नियंत्रण को मज़बूत करने और लेबनान के जमीनी, समुद्री तथा हवाई मार्गों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने पर बल दिया। बैठक में देश की राजनीतिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
आम जनता पर असर
सीमावर्ती गाँवों में रहने वाले नागरिक लगातार हमलों के कारण भारी दहशत में हैं। किसानों तक 'साउंड बम' पहुँचने की घटना यह दर्शाती है कि हमले केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं। मानवाधिकार संगठनों ने नागरिक क्षेत्रों में हो रहे इन हमलों पर गहरी चिंता जताई है।
क्या होगा आगे
लेबनान सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन हमलों को रोकने के लिए दबाव बनाने की माँग कर रही है। दीर कानून अन-नाहेर हमले की अंतरराष्ट्रीय जाँच की माँग भी उठने लगी है। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय मध्यस्थों की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।