अंबाला के तोपखाना इलाके में पीलिया का प्रकोप, 12 वर्षीय मन्नत की मौत; 20 मामले सामने आए

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अंबाला के तोपखाना इलाके में पीलिया का प्रकोप, 12 वर्षीय मन्नत की मौत; 20 मामले सामने आए

सारांश

अंबाला के तोपखाना इलाके में दूषित पेयजल से फैले पीलिया ने 12 वर्षीय मन्नत की जान ले ली और करीब 20 लोग बीमार पड़े। स्वास्थ्य विभाग ने जाँच शिविर लगाए, पानी के नमूने लिए और सभी सीएचसी-पीएचसी को अलर्ट किया।

मुख्य बातें

अंबाला के तोपखाना इलाके में पीलिया के करीब 20 मामले सामने आए हैं।
12 वर्षीय मन्नत की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आया।
डॉक्टर सुनील हरि के नेतृत्व में जाँच शिविर में ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और दवाइयाँ उपलब्ध।
सभी सीएचसी और पीएचसी को निर्देश — किसी भी क्षेत्र में 5 मामले आते ही पानी के नमूने लिए जाएँ।
स्थानीय निवासियों का आरोप — लंबे समय से काला और गंदा पानी आपूर्ति हो रही है।
पानी में क्लोरीन डलवाई जा रही है; लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह।

हरियाणा के अंबाला स्थित तोपखाना इलाके में पीलिया (जॉन्डिस) का प्रकोप तेज़ी से फैल रहा है — 12 वर्षीय मन्नत की मौत के बाद अब तक करीब 20 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। 21 मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुँची और पानी के नमूने लेकर जाँच शिविर स्थापित किए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से दूषित पेयजल आपूर्ति ही इस संकट की जड़ है।

मुख्य घटनाक्रम

तोपखाना इलाके में पीलिया के मामले तब सामने आए जब 12 वर्षीय मन्नत की मौत ने प्रशासन को हिला दिया। स्थानीय निवासी जगजीत कौर ने बताया कि पिछले काफी समय से काला और गंदा पानी आ रहा है, और उनके 11 वर्षीय बच्चे को भी दिक्कत हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सक्रियता के बाद पिछले दो-चार दिनों में पानी की स्थिति कुछ सुधरी है, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

पूर्व पार्षद राजकुमार ने कहा कि पीलिया के काफी मामले सामने आए हैं और एक बच्ची की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। उनके अनुसार सभी विभाग अब मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

जाँच शिविर में मौजूद अंबाला स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर सुनील हरि ने बताया कि विभाग पूरी तरह सतर्क है। लोगों के ब्लड टेस्ट और एक्स-रे किए जा रहे हैं और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सीएचसी और पीएचसी को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी इलाके में पीलिया के 5 या अधिक मामले आते हैं, तो पूरे क्षेत्र के पानी के नमूने तत्काल लिए जाएँ।

डॉक्टर हरि ने लोगों को हिदायत दी कि पानी को उबालकर और छानकर पिएँ, और बाहर से आई बर्फ का उपयोग केवल चीज़ें ठंडा करने के लिए करें — पीने के लिए नहीं। पानी में क्लोरीन डलवाया जा रहा है और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।

दूषित जल आपूर्ति — असली वजह

स्थानीय लोगों का आरोप है कि तोपखाना इलाके में लंबे समय से दूषित और काला पानी आ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब गर्मियों में जलजनित बीमारियों का खतरा वैसे भी बढ़ जाता है। गौरतलब है कि दूषित पेयजल से होने वाला पीलिया (हेपेटाइटिस ए और ई) बच्चों और कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए विशेष रूप से घातक हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार जलजनित पीलिया के मामले अक्सर तब सामने आते हैं जब सीवर लाइन और पेयजल पाइपलाइन का रिसाव एक-दूसरे में मिल जाता है — जो पुरानी बस्तियों में आम समस्या है।

आम जनता पर असर

इलाके के निवासी भय और अनिश्चितता के बीच जी रहे हैं। जगजीत कौर जैसी माताएँ अपने बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हैं। जाँच शिविर में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। पूर्व पार्षद राजकुमार खुद लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं।

क्या होगा आगे

स्वास्थ्य विभाग के पानी के नमूनों की जाँच रिपोर्ट आने के बाद दूषण के स्रोत की पहचान होने की उम्मीद है। तब तक निवासियों से अपील की जा रही है कि पानी उबालकर पिएँ और किसी भी लक्षण पर तत्काल जाँच शिविर में जाँच कराएँ। स्वास्थ्य विभाग का सतर्कता अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक नए मामले नियंत्रण में नहीं आ जाते।

संपादकीय दृष्टिकोण

जाँच शिविर और क्लोरीन महज़ लक्षण-उपचार है, बीमारी का इलाज नहीं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबाला के तोपखाना इलाके में पीलिया कैसे फैला?
स्थानीय निवासियों के अनुसार लंबे समय से दूषित और काला पानी आपूर्ति हो रही है, जिसे पीलिया फैलने की मुख्य वजह माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पानी के नमूने लेकर जाँच शुरू की है और रिपोर्ट का इंतज़ार है।
अंबाला में पीलिया से किसकी मौत हुई?
12 वर्षीय मन्नत की पीलिया से मौत हुई, जो तोपखाना इलाके की निवासी थी। इसी मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल जाँच शिविर लगाए और पानी के नमूने लिए।
अंबाला स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
स्वास्थ्य विभाग ने जाँच शिविर स्थापित किए हैं जहाँ ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और दवाइयाँ उपलब्ध हैं। पानी में क्लोरीन डलवाई जा रही है और सभी सीएचसी-पीएचसी को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी क्षेत्र में 5 मामले आते ही पानी के नमूने तत्काल लिए जाएँ।
पीलिया से बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
डॉक्टर सुनील हरि के अनुसार पानी को अच्छी तरह उबालकर और छानकर ही पिएँ। बाहर से आई बर्फ का उपयोग केवल चीज़ें ठंडा करने के लिए करें, पीने के लिए नहीं। किसी भी लक्षण पर तत्काल नज़दीकी जाँच शिविर में जाँच कराएँ।
तोपखाना इलाके में अब तक पीलिया के कितने मामले सामने आए हैं?
अब तक करीब 20 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है और पानी के नमूनों की जाँच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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