इंदौर के भागीरथपुरा में 54 वर्षीय रामनरेश यादव की मौत, दूषित पानी को बताया कारण
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नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल के कारण बीमारी फैलने की चिंता के बीच 54 वर्षीय रामनरेश यादव की मौत हो गई है। उनके परिवार का आरोप है कि जिस पानी का सेवन उन्होंने किया, वही उनकी गंभीर बीमारी और अंततः मौत का मुख्य कारण बना।
सूत्रों के अनुसार, रामनरेश यादव पिछले दो सप्ताह से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त थे। उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां 15 दिनों तक इलाज के बाद मंगलवार को उनका निधन हो गया।
बुधवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उनकी बेटी प्रेरणा यादव ने बताया कि शुरुआत में उन्हें दस्त की समस्या हुई थी। इसके बाद पानी से उत्पन्न संक्रमण ने उनके शरीर में फैलकर गंभीर समस्या पैदा कर दी। लगातार उल्टी और दस्त के कारण उनकी स्थिति बिगड़ती गई और धीरे-धीरे उनके शरीर में सूजन भी आने लगी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिवार का कहना है कि मेडिकल जांच में उनके लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान होने की बात सामने आई। उनका आरोप है कि संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया, जिससे अंगों ने कार्य करना बंद कर दिया और उनकी मृत्यु हो गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भागीरथपुरा में पिछले एक महीने से दूषित पेयजल की समस्या बनी हुई है और कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। लोगों का मानना है कि इस पानी के कारण हुई कई मौतों का संबंध भी हो सकता है। प्रशासन ने पहले विधानसभा में लगभग 20 मौतों को दूषित पानी से जोड़ा था, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।
रामनरेश यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में चार बेटियाँ हैं, जिनमें से कुछ की शादी हो चुकी है, जबकि कुछ अब भी उन पर निर्भर हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अभी तक मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं किया है और मामले की जांच जारी है।