29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या इंदौर में दूषित पानी की समस्या हल हो रही है? अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या इंदौर में दूषित पानी की समस्या हल हो रही है? अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी

सारांश

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या के कारण गंभीर हालात बने थे, लेकिन अब मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। जानिए अस्पतालों में भर्ती मरीजों की ताजा स्थिति और प्रशासन की क्या योजना है।

मुख्य बातें

इंदौर में दूषित पानी की समस्या का समाधान जारी है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है।
नगर निगम ने पाइपलाइन में सुधार किया है।
स्थानीय निवासियों को पानी के उपयोग में सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है।
मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया गया है।

इंदौर, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल के कारण कई व्यक्तियों की तबीयत बिगड़ने और कुछ मौतों की घटनाएं सामने आई थीं। अब इस स्थिति में काफी सुधार देखा जा रहा है। बुधवार को, तीसरे दिन के दौरान, अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या घटती गई।

इंदौर के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी के अनुसार, बुधवार को दस्त के लक्षणों वाले जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, उनकी संख्या 54 है, जबकि मंगलवार को यह संख्या 99 थी। इनमें से नौ मरीजों का इलाज आईसीयू में किया जा रहा है, जबकि पिछले दिन 17 गंभीर मामलों की सूचना मिली थी।

भागीरथपुरा में इंदौर नगर निगम के दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में लोग दस्त और अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। अब तक शहर के विभिन्न अस्पतालों में कुल 437 लोग भर्ती हुए हैं, जिनमें से 381 को बुधवार तक अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।

नगर निगम ने नर्मदा जल पाइपलाइनों में कई लीकेज की पहचान कर उन्हें ठीक किया है, क्योंकि यही कारण था जिससे सीवेज (गंदा पानी) मिलकर जल को दूषित कर रहा था। नियमित रूप से जल के नमूने लिए जा रहे हैं और उनका परीक्षण किया जा रहा है।

नर्मदा जल आपूर्ति बुधवार को केवल परीक्षण के लिए शुरू की गई थी। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि जब तक सरकार की कोई घोषणा नहीं होती, तब तक नल का पानी न इस्तेमाल करें।

इंदौर जिला कलेक्टर शिवम वर्मा और आईएमसी कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने भागीरथपुरा में नर्मदा पाइपलाइन के पानी का परीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, “लोगों को घर के नलों को बंद रखने और पानी का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि पानी का परीक्षण चल रहा है। टैंकरों से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे उबालकर और फिल्टर करके पीना चाहिए।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस दुखद घटना में मारे गए 18 लोगों के परिवारों को प्रत्येक को 2 लाख रुपए की राशि दी गई है। इसमें पांच महीने का बच्चा अव्यान साहू भी शामिल है, जिसकी मां का कहना है कि दूषित पानी उनके दूध में मिल जाने के बाद उनका निधन हुआ। इस सूची में नौ महिलाएं भी हैं, जो अस्पताल में भर्ती थीं और इनमें से अधिकांश का इलाज के दौरान निधन हो गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में दूषित पानी से कितने लोग प्रभावित हुए?
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कुल 437 लोग दूषित पानी के कारण प्रभावित हुए हैं।
अस्पताल में कितने मरीजों का इलाज चल रहा है?
अस्पताल में वर्तमान में 54 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 9 मरीज आईसीयू में हैं।
नगर निगम ने पानी की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं?
नगर निगम ने नर्मदा जल पाइपलाइनों में लीकेज की पहचान कर उन्हें ठीक किया है और जल के नियमित नमूने ले रहे हैं।
क्या स्थानीय निवासियों को नल का पानी पीने की अनुमति है?
स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि नल का पानी तब तक न पिएं जब तक सरकार की कोई घोषणा नहीं होती।
दूषित पानी से हुई मौतों के लिए क्या मुआवजा दिया गया है?
दूषित पानी से हुई मौतों के मामलों में मारे गए 18 लोगों के परिवारों को 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले