लेमन ग्रास: एक छोटा पौधा, बड़े स्वास्थ्य लाभ और उपयोग
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। सदियों से उपचार के लिए आयुर्वेद में औषधीय पौधों का उपयोग होता आ रहा है। आजकल, वैज्ञानिक नामों के साथ पुराने औषधीय पौधों और घासों को बाजार में बेचा जा रहा है।
हम यहाँ लेमन ग्रास की बात कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल न केवल सेलिब्रिटीज बल्कि फिटनेस के शौकीन भी कर रहे हैं। हाल के वर्षों में लेमन ग्रास का चलन बढ़ा है, लेकिन यह सदियों से हमारे आयुर्वेद का हिस्सा रहा है।
लेमन ग्रास एक औषधीय गुणों से भरी घास है, जिसका उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है। आयुर्वेद में इसे 'भूस्तृण' के नाम से जाना जाता है, जो वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित करने में सहायक है। यह जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से भी राहत प्रदान करता है। लेमन ग्रास का स्वाद थोड़ा कड़वा और तीखा होता है, किन्तु इसकी तासीर ठंडी होती है। यह नसों को शांति प्रदान करता है और तंत्रिका तंत्र को सशक्त बनाता है।
लेमन ग्रास का उपयोग खांसी, बुखार, तपेदिक, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, मलेरिया, आंखों की सूजन, मसूड़ों की सूजन, निमोनिया और रक्त की अशुद्धता से संबंधित विकारों में भी किया जाता है। लेमन ग्रास का तेल पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और मतली, मासिक धर्म संबंधी समस्याओं और सिरदर्द से राहत देता है। इसके अलावा, लेमन ग्रास का लेप त्वचा संबंधी समस्याओं में दवा की तरह काम करता है।
अब जानते हैं कि लेमन ग्रास का उपयोग कैसे किया जा सकता है। रोजाना लेमन ग्रास का ताजा जूस पीने से शरीर को टॉक्सिन से मुक्त किया जा सकता है, जिससे कई लाभ मिलते हैं। इसके अलावा, जूस के स्थान पर इसकी चाय भी बनाई जा सकती है।
यदि आपको काम के बीच कैफीन की आवश्यकता होती है, तो कैफीन के स्थान पर लेमन ग्रास टी का सेवन करें। यह स्वाद और सेहत दोनों में बेहतर विकल्प है। लेमन ग्रास का तेल नींद की समस्याओं और तनाव को दूर करने के लिए उपयुक्त है, जिसे चेहरे या माथे पर हल्की मसाज के साथ लगाया जा सकता है।