रामविलास पासवान और कांशी राम को भारत रत्न देने का प्रस्ताव, लोजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से पारित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशी राम को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाज़ने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह बैठक पार्टी के संविधान के अनुसार हर छह महीने में आयोजित होने वाली अनिवार्य कार्यकारिणी बैठक का हिस्सा थी।
बैठक में क्या हुआ
चिराग पासवान ने बताया कि सरकारी दायित्वों और समय की सीमा को देखते हुए इस बार बैठक को एक दिन तक सीमित रखा गया। बैठक में पार्टी की नीतियों, संगठन के विस्तार और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा, 'संगठन की मजबूती, जनसेवा के संकल्प और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हम सभी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।'
भारत रत्न प्रस्ताव का महत्व
चिराग पासवान ने कहा कि रामविलास पासवान — जो उनके पिता और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक थे — को भारत रत्न दिए जाने की माँग पार्टी लंबे समय से करती आई है। इसके साथ ही कांशी राम, जिन्होंने बहुजनों और अनुसूचित जातियों की आवाज़ बनने के लिए दशकों तक काम किया, को भी यह सम्मान दिलाने का प्रस्ताव पारित किया गया। गौरतलब है कि यह प्रस्ताव पार्टी स्तर पर पारित हुआ है; केंद्र सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
चुनावी तैयारी और आगामी रणनीति
बैठक में यह भी तय हुआ कि लोजपा (रामविलास) उत्तर प्रदेश और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में उतरेगी। चिराग पासवान ने मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे पर कहा कि विपक्ष बार-बार मुद्दे उठाता है और फिर छोड़ देता है। उन्होंने कहा, 'जैसे ही यूपी चुनाव नज़दीक आएगा, उनके लिए SIR का मुद्दा फिर अहम हो जाएगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण विधेयक का पूर्ण समर्थन करती है।
असम बाढ़ और झारखंड छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया
असम में जारी बाढ़ की स्थिति पर चिराग पासवान ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि पार्टी की असम राज्य इकाई अनाज वितरण और राहत शिविरों के ज़रिए प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचा रही है और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार के साथ समन्वय कर काम किया जा रहा है। झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि उनके पिता रामविलास पासवान भी छात्र आंदोलन से ही उभरे थे।
आगे क्या
भारत रत्न के इस प्रस्ताव को अब केंद्र सरकार तक पहुँचाया जाएगा, हालाँकि इस पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार का होगा। यूपी और पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति अगले कुछ हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।