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भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, 21 सितंबर को पटना में जयंती समारोह

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भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, 21 सितंबर को पटना में जयंती समारोह

सारांश

बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने राज्य के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न, पटना में प्रतिमा और संग्रहालय की माँग उठाई है। 21 सितंबर को पटना में जयंती समारोह में 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है।

मुख्य बातें

बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की माँग केंद्र सरकार से की।
भोला पासवान शास्त्री बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री थे और राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख दलित नेता माने जाते हैं।
माँगों में पटना के प्रमुख चौराहे पर प्रतिमा स्थापना और उनके नाम पर संग्रहालय निर्माण भी शामिल हैं।
21 सितंबर 2026 को पटना में जयंती समारोह, जिसमें 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा।
मुख्य अतिथि होंगे AICC अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र पाल गौतम ।

बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाज़े जाने की माँग केंद्र सरकार के समक्ष रखी है। विभाग के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र कुमार पासवान ने 17 सितंबर 2026 को पटना में यह माँग उठाते हुए कहा कि भोला पासवान शास्त्री बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री थे और सामाजिक न्याय के लिए उनका जीवन एक अमिट उदाहरण है।

कौन थे भोला पासवान शास्त्री

भोला पासवान शास्त्री न केवल बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री थे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी दलित नेतृत्व के एक प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं। उनका सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, जनसेवा और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। गौरतलब है कि उनके योगदान को अब तक किसी भी सरकार ने राष्ट्रीय सम्मान के रूप में मान्यता नहीं दी है।

सरकारों पर उपेक्षा का आरोप

रविन्द्र कुमार पासवान ने बिहार में सत्ता में रही विभिन्न सरकारों पर भोला पासवान शास्त्री के राजनीतिक और सामाजिक योगदान की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और उनके सम्मान व विरासत को जन-जन तक पहुँचाने के लिए अभियान जारी रखेगी।

इस संदर्भ में विभाग ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — भारत रत्न से सम्मान, पटना के किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी प्रतिमा की स्थापना, और उनके नाम पर एक संग्रहालय का निर्माण। रविन्द्र कुमार पासवान के अनुसार, संग्रहालय से आने वाली पीढ़ियाँ भोला पासवान शास्त्री के जीवन, संघर्ष और विचारों से परिचित हो सकेंगी।

21 सितंबर को जयंती समारोह

विभाग ने 21 सितंबर 2026 को बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश कार्यालय में भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर एक विशेष समारोह आयोजित करने की घोषणा की है। रविन्द्र कुमार पासवान ने दावा किया कि इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र पाल गौतम उपस्थित रहेंगे। रविन्द्र कुमार पासवान ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और भोला पासवान शास्त्री के अनुयायियों से इस समारोह में बड़ी संख्या में पहुँचने की अपील की है।

आगे क्या होगा

रविन्द्र कुमार पासवान ने स्पष्ट किया कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग भोला पासवान शास्त्री की स्मृति और सम्मान से जुड़ी माँगों को लेकर आगे भी लगातार आवाज़ उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता से परिचित कराना इस अभियान का अभिन्न हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे इस माँग को नैतिक आधार भी मिलता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इस तरह की माँगें प्राय: चुनावी मौसम में ज़ोर पकड़ती हैं और ज़मीनी परिणाम के बिना ही ठंडी पड़ जाती हैं। असली कसौटी यह होगी कि कांग्रेस इस अभियान को संसद के भीतर कितनी ताक़त से उठाती है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोला पासवान शास्त्री कौन थे?
भोला पासवान शास्त्री बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री थे और राष्ट्रीय स्तर पर दलित नेतृत्व के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं। उनका सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा।
भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की माँग किसने उठाई?
बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र कुमार पासवान ने 17 सितंबर 2026 को पटना में यह माँग उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार से भारत रत्न के साथ-साथ पटना में प्रतिमा स्थापना और संग्रहालय निर्माण की भी माँग की।
21 सितंबर 2026 को पटना में कौन-सा कार्यक्रम होगा?
21 सितंबर 2026 को बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश कार्यालय में भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है और AICC अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र पाल गौतम मुख्य अतिथि होंगे।
कांग्रेस ने भोला पासवान शास्त्री के नाम पर संग्रहालय की माँग क्यों की?
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग का कहना है कि संग्रहालय के माध्यम से आने वाली पीढ़ियाँ भोला पासवान शास्त्री के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान से परिचित हो सकेंगी। विभाग के अनुसार महान नेताओं की विरासत को संरक्षित करना समाज की जिम्मेदारी है।
बिहार की पिछली सरकारों पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
रविन्द्र कुमार पासवान ने बिहार में सत्ता में रही विभिन्न सरकारों पर भोला पासवान शास्त्री के राजनीतिक और सामाजिक योगदान की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इन नेताओं को उनके योगदान के अनुरूप सम्मान नहीं मिला।
राष्ट्र प्रेस
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