हारिस रऊफ की टेस्ट वापसी की कोशिश: श्रीलंका सीरीज के लिए प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में 5 विकेट
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने 17 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि वे श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम में अपनी जगह पक्की करने की पुरज़ोर कोशिश में लगे हैं। प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी ग्रेड I में शानदार प्रदर्शन के दम पर 32 वर्षीय दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी का दरवाज़ा खटखटाया है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान क्रिकेट टेस्ट प्रारूप में 140 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक गति से निरंतर गेंदबाज़ी करने वाले किसी तेज गेंदबाज के अभाव से जूझ रही है।
प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन
रऊफ ने प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में अपने प्रथम श्रेणी करियर की तीसरी बार पाँच विकेट हॉल हासिल की। उन्होंने 13 ओवर में महज 34 रन देकर 5 विकेट लिए — एक किफ़ायती और प्रभावशाली गेंदबाज़ी प्रदर्शन। गौरतलब है कि यह वही टूर्नामेंट है जहाँ पाकिस्तान के चयनकर्ता आगामी टेस्ट सीरीज़ के लिए खिलाड़ियों की फॉर्म और फिटनेस का आकलन करते हैं।
रऊफ के अपने शब्दों में मकसद
अपने विभाग द्वारा जारी एक वीडियो में रऊफ ने कहा, "जब आप क्रिकेट खेलते हैं तो हमेशा एक मकसद होता है जो आपको आगे बढ़ाता है। मैं श्रीलंका सीरीज के लिए अपना नाम आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा हूं। पाकिस्तान को भी एक तेज गेंदबाज की जरूरत है। प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में अभी काफी मैच बाकी हैं। देखते हैं भविष्य में क्या होता है।"
रऊफ ने यह भी बताया, "मैंने पिछले सीजन में चार दिन का क्रिकेट खेला था और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले ग्रेड II क्रिकेट में भी समय बिताया था। जब भी आपको समय मिलता है, आप लंबे फॉर्मेट में खेलकर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। मेरे पास अभी खुद पर काम करने का समय है। मैं इसका फायदा उठाना चाहता हूं।"
टेस्ट करियर और चोट की पृष्ठभूमि
रऊफ ने अब तक अपने करियर में केवल एक टेस्ट खेला है — 2022 में रावलपिंडी में इंग्लैंड के खिलाफ, जिसमें उन्होंने 1 विकेट लिया था। उसके बाद चोट ने उनकी राह रोक दी और वे टेस्ट टीम से बाहर रहे। यह उनकी वापसी का पहला ठोस संकेत है।
पाकिस्तान की तेज गेंदबाज़ी की चुनौती
पाकिस्तान क्रिकेट एक ऐतिहासिक विरोधाभास से गुज़र रही है — वह देश जिसने वसीम अकरम, वकार यूनुस और शोएब अख्तर जैसे दिग्गज तेज गेंदबाज दुनिया को दिए, आज टेस्ट फॉर्मेट में 140 किमी/घंटा की रफ़्तार से निरंतर गेंदबाजी करने वाले किसी भरोसेमंद गेंदबाज के लिए संघर्ष कर रहा है। रऊफ की वापसी इस शून्य को भरने का एक संभावित अवसर है।
आगे क्या होगा
प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में अभी कई मैच बाकी हैं और रऊफ का प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नज़र में है। श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज़ के लिए पाकिस्तान टीम की घोषणा से पहले रऊफ के पास अपनी दावेदारी मज़बूत करने का पूरा मौका है। यह देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता एकमात्र टेस्ट अनुभव वाले और लंबे समय से चोट से उबर रहे इस गेंदबाज पर भरोसा करते हैं या नहीं।