क्या बिहार के नीतीश कुमार और लालू यादव को मिलेगा भारत रत्न?
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की जा रही है।
- तेजप्रताप यादव ने लालू यादव के लिए भी इसी सम्मान की अपील की है।
- जदयू ने इस मुद्दे से दूरी बनाई है।
- पत्र में सामाजिक योगदान का उल्लेख किया गया है।
- राजनीतिक स्वार्थ और सम्मान की मांग में अंतर है।
पटना, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग के सिलसिले में जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसके बाद बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू यादव को भी भारत रत्न देने की अपील की है।
तेजप्रताप यादव ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि राजद अध्यक्ष लालू यादव को भी भारत रत्न मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "जैसा कहा जाता है कि हमारे पिता लालू यादव और नीतीश कुमार भाई-भाई की तरह रहे हैं। ऐसे में दोनों भाइयों को भारत रत्न मिलना चाहिए। जनशक्ति जनता दल की यह मांग है कि लालू यादव को भी यह सम्मान मिलना चाहिए।"
वास्तव में, जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश का सर्वोच्च सम्मान देने की मांग की। उन्होंने पत्र में कहा कि समाजवादी आंदोलन के अनमोल रत्न नीतीश कुमार इस सम्मान के योग्य हैं।
पत्र में केसी त्यागी ने लिखा, "30 मार्च 2024 हमारे पुरखों के सम्मान का दिन है। आपके प्रयासों से उन्हें भारत रत्न के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया था। स्व. चौधरी चरण सिंह और स्व. कर्पूरी ठाकुर द्वारा किए गए जनहित एवं कृषक, हाशिए पर गए लोगों को संगठित कर उन्हें सम्मान दिलाने का सार्थक प्रयास किया गया था।"
पत्र में आगे लिखा गया है, "आपके इन्हीं प्रयासों से अभिभूत होकर निवेदन है कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न नीतीश कुमार भी इस सम्मान के योग्य हैं। पहले भी जीवित रहते हुए कई नायकों को यह सम्मान मिल चुका है। करोड़ों जनमानस की ओर से आपसे आशा एवं निवेदन है कि प्रिय नेता नीतीश कुमार को इस सम्मान से नवाजा जाए, ताकि इतिहास आपके प्रयासों को देर तक सराहे।"
हालांकि, जदयू ने केसी त्यागी के इस बयान से दूरी बना ली है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने केसी त्यागी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि केसी त्यागी के हाल के कई बयान पार्टी की आधिकारिक सोच या नीति को नहीं दर्शाते। केसी त्यागी के बयान पूरी तरह से निजी हैं और इन्हें पार्टी के रुख के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।