क्यों राहुल गांधी ने कांशीराम को 'भारत रत्न' दिलाने की मांग नहीं की? विश्वनाथ पाल का सवाल
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी पर विश्वनाथ पाल का तीखा आरोप
- कांशीराम को 'भारत रत्न' दिलाने की मांग
- सत्ता में रहने पर मांग न उठाने का सवाल
- 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की राजनीति
- मायावती की भूमिका पर चर्चा
लखनऊ, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बसपा नेता विश्वनाथ पाल ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनकी सरकार थी, तब उन्होंने कांशीराम को 'भारत रत्न' दिलाने की मांग क्यों नहीं की। अब जब कांग्रेस सत्ता में नहीं है, तो वे नाटक क्यों कर रहे हैं।
लखनऊ में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान, बसपा नेता ने कहा कि जब मनमोहन सिंह 10 वर्षों तक सत्ता में थे, तो कांशीराम को 'भारत रत्न' क्यों नहीं दिया गया? जब उनकी पार्टी सत्ताधारी थी, उनके कार्यों को देखें, क्या वे बहुजन के हित में थे?
उन्होंने यह भी कहा कि 2014 से भाजपा की सरकार है, लेकिन इसके पहले कांग्रेस की सरकार थी। बसपा और उनकी पार्टी ने निरंतर मांग की, तो 2014 से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, तब 'भारत रत्न' क्यों नहीं दिया गया? जब सत्ता से बाहर हैं, तो अब यह नाटक क्यों?
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांशीराम को लेकर सपा-कांग्रेस की राजनीति पर बसपा नेता ने कहा कि ये लोग कुर्सी के लिए कुछ भी कर सकते हैं। कांशीराम को 'भारत रत्न' दिलाने की उनकी मांग को सिर्फ नाटक कहा जाएगा। आज उनके इतने बड़े प्रशंसक हो गए हैं कि वे उनका नारा लगा रहे हैं, लेकिन जब कांशीराम जीवित थे, तो वे उनकी राह में रोड़ा डालते थे।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में लक्ष्मण मेला मैदान में कांशीराम ने एक विशाल रैली की थी। उन्होंने पूरे देश से लोगों को बुलाकर कहा कि उनकी एकमात्र शिष्या कुमारी मायावती हैं, जिन पर उन्हें पूरा विश्वास है कि वे उनकी विचारधारा को आगे बढ़ा सकती हैं। अब ये लोग नाटक कर रहे हैं, जबकि मायावती ने कांशीराम के नाम पर अलीगढ़ मंडल में जिला बनाया था। जब अखिलेश यादव उस जिले का नाम नहीं हजम कर पाए, तो उनकी विचारधारा को कैसे आगे बढ़ाएंगे? यह सब एक बड़ा नाटक है।