कांग्रेस ने दलित समुदाय के हितों पर किया बड़ा हमला: असीम अरुण
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस ने दलित समुदाय के साथ ऐतिहासिक अन्याय किया है।
- कांशीराम का आंदोलन आज भी प्रासंगिक है।
- दलित समुदाय अब कांग्रेस और सपा से दूर हो चुका है।
- भाजपा ने दलित नेताओं को सम्मानित करने की पहल की है।
लखनऊ, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बसपा के संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाई है। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने मंगलवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने हमेशा दलित समुदाय के हितों और आकांक्षाओं पर कुठाराघात किया है। कांग्रेस ने दलित समुदाय का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए किया। जब दलित समुदाय ने इस राजनीतिक गणित को समझ लिया, तो उन्होंने कांग्रेस और सपा को किनारे कर दिया और अब ये दलित समुदाय से ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तरह के पैंतरे आजमा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दलित समुदाय के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाते हुए कांशीराम ने उत्तर भारत में आंदोलन किया। उन्होंने साइकिल पर सवार होकर हर कोने में जाकर सभी लोगों को एकजुट होने का आह्वान किया।
यह आंदोलन इतना प्रभावी हुआ कि यह एक राष्ट्रीय पार्टी में परिवर्तित हो गया, जिसे हम बहुजन समाज पार्टी के रूप में जानते हैं। लेकिन यह दुःख की बात है कि आज तक कांग्रेस या सपा ने प्रदेश के दलित समुदाय के हित और समृद्धि के बारे में नहीं सोचा।
असीम अरुण ने कहा कि जब कांशीराम का निधन हुआ था, तब कांग्रेस और सपा के लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने नहीं गए। जब राहुल गांधी की कलम में शक्ति थी, तब कांशीराम के नाम पर जो प्रतिष्ठान थे, उनके नाम बदल दिए गए।
कांशीराम के निधन के बाद मायावती ने उन्हें भारत रत्न देने की मांग की थी, लेकिन कांग्रेस ने कहा था कि यह पुरस्कार केवल राष्ट्रीय महत्व के लोगों को दिया जाता है। इन सब परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दलित समुदाय ने कांग्रेस और सपा को दरकिनार कर दिया। अब जब ये लोग राजनीतिक हाशिये पर आ चुके हैं, तो दलित समुदाय और कांशीराम याद आ रहे हैं।
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि भाजपा वर्तमान में कांशीराम सहित अन्य महत्वपूर्ण लोगों को सम्मानित कर रही है। हम उनके सम्मान में किसी प्रकार की कमी नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं कि जब आपकी सरकार थी, तब आपने कांशीराम को भारत रत्न देने की दिशा में कोई कदम क्यों नहीं उठाया? अब आप यह मांग कर रहे हैं। दलित समुदाय समझ चुका है कि आप उन्हें रिझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इस बार वे आपके झांसे में आने वाले नहीं हैं।
उन्होंने सिलेंडर किल्लत को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि हमारे पास ऊर्जा की पर्याप्त मात्रा है, लेकिन हमें समझदारी से ऊर्जा का उपयोग करना होगा। मैं केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय का धन्यवाद करना चाहता हूं कि सभी तेल के टैंकर सीमाओं को पार करके हमारे पास पहुंच रहे हैं और किसी भी प्रकार की किल्लत की बात न पहले थी, न ही आगे होगी।