कांशीराम की जयंती पर नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की, लखनऊ में विशेष कार्यक्रम आयोजित

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कांशीराम की जयंती पर नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की, लखनऊ में विशेष कार्यक्रम आयोजित

सारांश

कांशीराम की जयंती पर कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नेताओं ने उनके योगदान को याद किया और उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

Key Takeaways

  • कांशीराम की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांशीराम को श्रद्धांजलि दी।
  • बसपा प्रमुख मायावती ने कांशीराम के योगदान को याद किया।
  • कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
  • कांशीराम का जीवन दलितों के उत्थान के लिए समर्पित रहा।

नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम की जयंती के अवसर पर रविवार को कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बसपा प्रमुख मायावती, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद (रावण) सहित अनेक नेताओं ने उन्हें याद किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने संदेश में लिखा, "दलित, शोषित और वंचित वर्ग के उत्थान में अपनी संपूर्ण जीवन को समर्पित करने वाले सामाजिक न्याय के पुरोधा कांशीराम की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।" उन्होंने आगे कहा कि कांशीराम का जीवन कमजोर वर्गों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए समर्पित रहा।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उन्हें नमन करते हुए कहा कि कांशीराम वंचितों और शोषितों की आवाज थे और उनका संघर्ष आज भी समाज को न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक रखने की प्रेरणा देता है।

बसपा प्रमुख मायावती ने भी सोशल मीडिया पर कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके अनुयायियों की ओर से उन्हें शत-शत नमन और श्रद्धा-सुमन अर्पित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कांशीराम ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए बहुजन समाज को संगठित किया।

बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने भी कांशीराम को याद करते हुए कहा कि वे दलित, वंचित और शोषित समाज के उत्थान के लिए आजीवन संघर्षरत रहे।

भीम आर्मी के प्रमुख और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सह-संस्थापक चंद्रशेखर आजाद (रावण) ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्होंने सोती हुई कौम को जगाने का कार्य किया।

इस बीच, लखनऊ के वीआईपी रोड पर स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर रविवार को बसपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनकी जयंती मनाई जाएगी। बसपा नेताओं के अनुसार, इस आयोजन में अवध और पूर्वांचल समेत विभिन्न क्षेत्रों के कार्यकर्ता भाग लेकर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। कार्यकर्ताओं और समर्थकों को इस कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया गया है।

Point of View

NationPress
16/03/2026

Frequently Asked Questions

कांशीराम की जयंती कब मनाई जाती है?
कांशीराम की जयंती हर साल 15 मार्च को मनाई जाती है।
कांशीराम का योगदान क्या है?
कांशीराम ने दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और बहुजन समाज को संगठित किया।
इस वर्ष की जयंती का कार्यक्रम कहाँ होगा?
इस वर्ष का कार्यक्रम लखनऊ के वीआईपी रोड स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर होगा।
कौन-कौन से नेता कांशीराम को श्रद्धांजलि देने आए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मायावती, उमाशंकर सिंह और चंद्रशेखर आजाद प्रमुख नेताओं में शामिल थे।
कांशीराम का जीवन दर्शन क्या है?
कांशीराम का जीवन समाज के कमजोर वर्ग के उत्थान और उनके अधिकारों के लिए समर्पित रहा।
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