28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मायावती का बीएसपी कार्यकर्ताओं से आग्रह, कांशीराम जयंती को करें सफल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मायावती का बीएसपी कार्यकर्ताओं से आग्रह, कांशीराम जयंती को करें सफल

सारांश

मायावती ने बीएसपी कार्यकर्ताओं से कांशीराम जयंती के कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि कांशीराम के विचारों को फैलाना हमारी ज़िम्मेदारी है।

मुख्य बातें

कांशीराम जयंती 15 मार्च को मनाई जाती है।
मायावती ने कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की।
कांशीराम ने सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया।
कांग्रेस पर आरोप कि उन्होंने अंबेडकर का सम्मान नहीं किया।
कांशीराम की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है।

नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने बीएसपी कार्यकर्ताओं से 15 मार्च को मनाई जाने वाली कांशीराम जयंती के मौके पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए संदेश में कहा कि मान्यवर कांशीराम के विचारों और संघर्षों को सभी तक पहुँचाना बीएसपी कार्यकर्ताओं की ज़िम्मेदारी है।

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि 15 मार्च को उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक कांशीराम जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन कार्यक्रमों को पूर्ण निष्ठा और उत्साह के साथ सफल बनाएं, ताकि कांशीराम के सामाजिक न्याय और बहुजन हिताय के मिशन को आगे बढ़ाया जा सके।

मायावती ने यह भी कहा कि कांशीराम ने दलितों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए बीएसपी की स्थापना की थी।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लंबे समय तक केंद्र में रहते हुए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को उचित सम्मान नहीं दिया और उन्हें भारत रत्न से भी वंचित रखा।

उन्होंने कहा कि कांशीराम के निधन के समय भी केंद्र में कांग्रेस की सरकार ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय उत्तर प्रदेश में सपा सरकार ने भी राजकीय शोक की घोषणा नहीं की थी।

मायावती ने अपने संदेश में बताया कि कई अन्य राजनीतिक दल और संगठन समय-समय पर कांशीराम के नाम का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने बीएसपी समर्थकों से अपील की कि वे ऐसी कोशिशों से सतर्क रहें और पार्टी को कमजोर करने वाली ताकतों से सावधान रहें।

बसपा प्रमुख ने विशेष रूप से कांग्रेस से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि दलितों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए ही कांशीराम को बीएसपी जैसी पार्टी बनाने की आवश्यकता पड़ी थी। उन्होंने कहा कि कांशीराम जयंती के अवसर पर उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया जाना चाहिए। कांशीराम ने समाज के वंचित, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों को संगठित कर उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया। उनकी विचारधारा आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के वंचित वर्गों के लिए भी है। यह अवसर हमें उनके विचारों को पुनर्जीवित करने और सामाजिक न्याय के लिए एकजुट होने का मौका देता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांशीराम जयंती कब मनाई जाती है?
कांशीराम जयंती हर वर्ष 15 मार्च को मनाई जाती है।
मायावती ने कार्यकर्ताओं से क्या अपील की?
मायावती ने कार्यकर्ताओं से जयंती के कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की है।
कांशीराम का योगदान क्या है?
कांशीराम ने दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए बीएसपी की स्थापना की थी।
कांग्रेस पर मायावती ने क्या आरोप लगाया?
मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने अंबेडकर को उचित सम्मान नहीं दिया और कांशीराम के निधन पर शोक की घोषणा नहीं की।
कांशीराम की विचारधारा का महत्व क्या है?
कांशीराम की विचारधारा आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले