कांशीराम की जयंती पर विपक्षी नेताओं ने श्रद्धांजलि दी, खड़गे का सामाजिक न्याय पर बयान
सारांश
Key Takeaways
- कांशीराम का योगदान हमेशा प्रेरणादायी है।
- सामाजिक न्याय की लड़ाई में सभी नेताओं को एकजुट होना चाहिए।
- कांशीराम की जयंती पर नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
- बसपा प्रमुख मायावती ने भी कांशीराम के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
- बहुजन समाज से आह्वान किया गया कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखें।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाज सुधारक कांशीराम की जयंती पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। खड़गे ने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई में उनका योगदान हमेशा प्रेरणादायक रहेगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "महान समाज सुधारक कांशीराम ने दलित, वंचित और शोषित वर्गों को संगठित कर उन्हें भारतीय राजनीति में एक सम्मानजनक स्थान दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनकी जयंती पर हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।"
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा, "सामाजिक न्याय की विचारधारा के नायक कांशीराम की जयंती पर उन्हें सादर नमन। कांशीराम जी ने समानता और न्याय के सिद्धांतों को नई ऊंचाई दी। उनके विचार हमेशा हमें प्रेरित करते रहेंगे।"
बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने कहा, "बहुजन समाज के मसीहा कांशीराम की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। आज का दिन उनके मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का है। उनके सामाजिक परिवर्तन आंदोलन ने करोड़ों शोषितों का राजनीतिक सशक्तिकरण किया।"
उन्होंने आगे कहा, "जब कांग्रेस, भाजपा और सपा जैसे संगठन उनके विचारों का दुरुपयोग कर रहे हैं, तब हमें कांशीराम के विचारों को सुनना चाहिए और बहुजन आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लेना चाहिए।"
इसके अलावा, बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, "कांशीराम को उनकी जयंती पर उनके अनुयायियों की ओर से शत-शत नमन। उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा को पूरे देश में फैलाने का कार्य किया।"
बसपा प्रमुख ने बहुजन समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे बसपा आंदोलन से जुड़ें और अपने वोट की ताकत से सत्ता की 'मास्टर चाबी' हासिल करें। इससे संविधान में बहुजनों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।