क्या चांगेरी आपके स्वास्थ्य का राज़ छिपा सकती है?

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क्या चांगेरी आपके स्वास्थ्य का राज़ छिपा सकती है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि चांगेरी केवल स्वाद बढ़ाने का काम नहीं करती, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद है? जानें इसके कई स्वास्थ्य लाभ और उपयोग।

Key Takeaways

  • चांगेरी का उपयोग पाचन समस्याओं के लिए किया जाता है।
  • यह त्वचा के लिए भी लाभकारी है।
  • इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
  • चांगेरी विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है।
  • चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 16 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। चांगेरी को सामान्यतः खट्टी घास भी कहा जाता है। यह एक छोटा पौधा है जो भारत में आसानी से उपलब्ध है। इसका उपयोग विभिन्न बीमारियों के उपचार में किया जाता है।

चांगेरी का वैज्ञानिक नाम ऑक्सालिस कॉर्निकुलाटा है। यह एक बारहमासी पौधा है, जिसकी पत्तियां खट्टी स्वाद की होती हैं। इसे आमतौर पर बागों, मैदानों और सड़क किनारों पर देखा जा सकता है। आयुर्वेद में, चांगेरी का इस्तेमाल पाचन समस्याएँ, दस्त एवं बवासीर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। इसके पत्तों का उपयोग चटनी, सूप और अन्य व्यंजनों में भी किया जाता है।

जानकारी के अनुसार, चरक और सुश्रुत संहिता में चांगेरी का उल्लेख मिलता है। चरक संहिता में इसे शाक वर्ग और अम्लस्कन्ध के रूप में वर्णित किया गया है, जबकि सुश्रुत संहिता में इसे शाक वर्ग में रखा गया है। इसका प्रमुख उपयोग दस्त (अतिसार) और पाचन संबंधी समस्याओं के उपचार में होता है। चांगेरी के पत्तों का काढ़ा (20-40 मिली) भुनी हुई हींग के साथ मिलाकर पीने से पेट दर्द और पाचन संबंधी समस्याओं में लाभ मिलता है। यह महिलाओं में पाचन तंत्र को मजबूत करने में सहायक है।

इसके अतिरिक्त, इसका उपयोग महिलाओं में ल्यूकोरिया (व्हाइट डिस्चार्ज) की समस्या में भी किया जाता है। इसके पत्तों का रस मिश्री के साथ लेने से ल्यूकोरिया के कारण होने वाले दर्द और हड्डियों की कमजोरी में राहत मिलती है।

चांगेरी त्वचा के लिए भी लाभकारी हो सकती है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीफंगल गुण मुंहासे, काले धब्बे और त्वचा की जलन को कम करने में सहायता कर सकते हैं। चांगेरी के फूलों को पीसकर चावल के आटे के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा का रंग निखरता है और दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है।

यह विटामिन-सी का एक अच्छा स्रोत है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और स्कर्वी जैसी बीमारियों को रोकने में मदद करता है।

चांगेरी के पत्तों का लेप जोड़ों के दर्द, गठिया और सूजन को कम करने में अत्यंत लाभकारी है। इसके पीछे इसके सूजन-रोधी गुण हैं, जो सूजन को कम कर दर्द से राहत प्रदान करते हैं। हालांकि, इसके उपयोग से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

Point of View

एक साधारण पौधा, जो भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य के प्रतीक के रूप में उभरता है। इसका उपयोग न केवल पारंपरिक चिकित्सा में होता है, बल्कि यह आधुनिक विज्ञान के लिए भी एक संभावित स्रोत बन सकता है। इसे हमारे दैनिक जीवन में शामिल करके हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

चांगेरी का क्या उपयोग है?
चांगेरी का उपयोग पाचन समस्याओं, दस्त, बवासीर और ल्यूकोरिया जैसी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है।
क्या चांगेरी त्वचा के लिए फायदेमंद है?
हाँ, चांगेरी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो त्वचा की जलन और मुंहासों को कम करने में मदद करते हैं।
चांगेरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?
चांगेरी का वैज्ञानिक नाम ऑक्सालिस कॉर्निकुलाटा है।
क्या चांगेरी का सेवन सुरक्षित है?
हाँ, लेकिन इसके उपयोग से पहले चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है।
क्या चांगेरी में विटामिन सी होता है?
जी हाँ, चांगेरी विटामिन सी का अच्छा स्रोत है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।