क्या मामूली सी दिखने वाली चांगेरी घास गुणों का खजाना है, हृदय रोगों से लेकर ल्यूकोरिया तक में असरदार?
सारांश
Key Takeaways
- चांगेरी घास हृदय रोगों और त्वचा समस्याओं के लिए उपयोगी है।
- यह पाचन तंत्र के लिए लाभकारी है।
- इसमें कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जैसे कि विटामिन सी।
- ल्यूकोरिया में चांगेरी के पत्तों का रस फायदेमंद है।
- चांगेरी घास का प्रयोग प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जा सकता है।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आयुर्वेद में कई अमूल्य औषधीय गुणों से भरपूर खजाने मौजूद हैं, जिनका उपयोग सैकड़ों वर्षों से विभिन्न बीमारियों के उपचार में किया जा रहा है। इनमें बहुत सी जड़ी-बूटियाँ संजीवनी के रूप में मानी जाती हैं। इनमें से एक विशेष घास भी है, जो दिखने में साधारण लगती है, लेकिन अपने अद्भुत गुणों के चलते यह आयुर्वेद में एक खास स्थान रखती है और इसे लंबे समय से औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है।
हम यहाँ चांगेरी घास की बात कर रहे हैं। यह घास हमारे चारों ओर आसानी से मिल जाती है, लेकिन इसके औषधीय गुणों के बारे में बहुत से लोग अनजान हैं। आयुर्वेद के अनुसार, चांगेरी घास हृदय संबंधी रोगों से लेकर त्वचा की समस्याओं तक में लाभकारी मानी जाती है और यह शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होती है।
चांगेरी घास अत्यंत गुणकारी और औषधीय गुणों से भरपूर होती है। यह आमतौर पर खाली जगहों से लेकर गमलों तक में उगती है। खेतों में भी ये पाई जाती है, लेकिन अधिकतर लोग इसे खरपतवार समझकर फेंक देते हैं क्योंकि वे इसकी पहचान नहीं कर पाते हैं। यह घास तीन पत्तों वाली होती है, जिसका आकार दिल के आकार का होता है और इसमें पीले रंग के छोटे-छोटे फूल भी आते हैं। आयुर्वेद में चांगेरी घास को अत्यंत उपयोगी बताया गया है। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में चांगेरी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है, जिसमें बताया गया है कि इसका उपयोग कैसे और किन लोगों पर किया जा सकता है।
इसे पाचन तंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। चांगेरी के सेवन से पेट दर्द, गैस, अपच और बवासीर जैसी समस्याओं से मुक्ति पाई जा सकती है और यह आंतों में खराब बैक्टीरिया को भी नियंत्रित करती है। चांगेरी घास दिल के लिए भी लाभकारी होती है क्योंकि इसमें पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन सी, कैरोटीन और ऑक्सलेट होते हैं, जो हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। यह रक्त धमनियों पर वसा को जमने से रोकती है और सूजन को भी कम करने में सहायक होती है।
चांगेरी त्वचा की कई समस्याओं में भी लाभकारी है। अगर चेहरे पर बार-बार मुहांसे आते हैं तो चांगेरी घास का पेस्ट लाभकारी होता है, क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीफंगल, और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं। अधिकतर महिलाओं में ल्यूकोरिया (व्हाइट डिस्चार्ज) की समस्या देखी जाती है। दवा खाने के बाद भी यह समस्या बनी रहती है, जिससे धीरे-धीरे हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं। ल्यूकोरिया में चांगेरी के पत्तों के रस का सेवन फायदेमंद रहता है। यह हड्डियों को मजबूत करने में मदद करती है और कमर दर्द में राहत देती है।
चांगेरी में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, और विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होने की वजह से यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में मदद करती है। इसके अलावा, चांगेरी सूजन, जोड़ों के दर्द, वजन पर नियंत्रण और मसूड़ों के लिए भी लाभकारी होती है।