20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या इंदौर दूषित पानी त्रासदी में चार लोगों की मौत और 200 अस्पताल में भर्ती हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या इंदौर दूषित पानी त्रासदी में चार लोगों की मौत और 200 अस्पताल में भर्ती हैं?

सारांश

इंदौर में दूषित पानी से जुड़ी त्रासदी के चलते चार लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। जानें इस संकट की विस्तृत जानकारी और इसकी गंभीरता को समझें।

मुख्य बातें

दूषित पानी पीने से चार लोगों की मौत हुई है।
लगभग 200 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
इंदौर का भागीरथपुरा क्षेत्र गंभीर पब्लिक हेल्थ संकट का सामना कर रहा है।
अधिकारियों को टैंकरों से साफ पानी की सप्लाई जारी रखने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।

इंदौर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में भागीरथपुरा इलाके में चल रहे दूषित पानी के संकट पर एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की।

लगभग 15 पृष्ठों की रिपोर्ट में आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि दूषित पानी पीने से चार लोगों की मौत हो गई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लगभग 200 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 35 इंटेंसिव केयर यूनिट में हैं।

यह मामला, जो इंदौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एडवोकेट रितेश इनानी द्वारा दायर एक जनहित याचिका था, जस्टिस द्वारकाधीश बंसल और जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की डिवीजन बेंच के सामने सूचीबद्ध किया गया था।

याचिकाकर्ता रितेश इनानी ने सरकार की दलील को अंतिम समय में जल्दबाजी में किया गया काम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, सप्लाई किए गए दूषित पानी पीने से केवल चार लोगों की मौत हुई है। लगभग 15 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा गया है कि 200 लोग अस्पतालों में हैं और 35 अलग-अलग अस्पतालों के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में हैं। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय की है।

इस मामले में एक हस्तक्षेपकर्ता ने कोर्ट से गलत जानकारी को रोकने के लिए इस मुद्दे पर मीडिया प्रकाशनों पर रोक लगाने का आग्रह किया। हालांकि, बेंच ने इस अनुरोध पर कोई टिप्पणी नहीं की।

आधिकारिक तौर पर चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लेकिन, रिपोर्ट्स के अनुसार मरने वालों की संख्या 15 तक हो सकती है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी के बीच टैंकरों से साफ पानी की सप्लाई जारी रखें और मेडिकल केयर प्रदान करें।

लगातार आठ वर्षों तक भारत का सबसे साफ शहर रहा इंदौर, एक गंभीर पब्लिक हेल्थ संकट से जूझ रहा है, क्योंकि भागीरथपुरा इलाके में दूषित पीने के पानी से कई मौतें हुई हैं और बड़े पैमाने पर बीमारियां फैली हैं। एक शौचालय के पास पाइपलाइन लीक होने के कारण नगर निगम के पानी की सप्लाई में सीवेज मिलने से गंभीर दस्त, उल्टी और डिहाइड्रेशन का प्रकोप फैल गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य संकट है। हमें इस मुद्दे के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में दूषित पानी से कितने लोगों की मौत हुई है?
रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर में दूषित पानी पीने से चार लोगों की मौत हुई है।
इस संकट में कितने लोग अस्पताल में भर्ती हैं?
लगभग 200 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 35 लोगों की स्थिति गंभीर है।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले