क्या इंदौर दूषित पानी त्रासदी में प्रशासन की कार्रवाई पर्याप्त है?
सारांश
Key Takeaways
- 18 मौतें हुई हैं दूषित पानी के कारण।
- 15 मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया गया है।
- सरकार ने तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
- जांच समिति का गठन किया गया है।
- जल प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।
इंदौर, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। यहाँ अब तक 18वीं मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, प्रशासन ने 15 मृतकों के परिजनों को मुआवजा प्रदान कर दिया है।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सभी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि मरीजों को कोई कठिनाई न हो और परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। 15 परिवारों को मुआवजा मिल गया है, जबकि शेष 3 का बैंक खाता खोलकर मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिनकी मेडिकल रिपोर्ट आ रही हैं, उनकी पुष्टि की जा रही है और अन्य रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की थी। डॉक्टरों की एक विशेष टीम हर मामले की जांच कर रही है, ताकि मौतों के असली कारण का पता लगाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि इस समय मानवता सर्वोपरि है, इसलिए तकनीकी औपचारिकताओं में उलझने के बजाय पीड़ित परिवारों का सहारा बनना आवश्यक था।
हाल ही में भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई थी, जबकि प्रशासन केवल चार मौतों की पुष्टि कर रहा था। लेकिन अब रिपोर्ट के बाद यह आंकड़ा 18 तक पहुँच गया है, जिसके बाद उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इसके बाद, भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई की है और तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही एक जांच समिति भी बनाई गई है। दूसरी ओर, विपक्षी दल सरकार और नगर निगम को घेरने में लगे हैं।
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा कर नई पाइपलाइन के कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि जल प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सर्वेक्षण का कार्य लगातार जारी है। सफाई और पानी के सैंपल लेने की प्रक्रिया भी निरंतर चल रही है ताकि हालात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।