क्या इंदौर में दूषित जल की जांच से बीमारी का हल निकलेगा?

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क्या इंदौर में दूषित जल की जांच से बीमारी का हल निकलेगा?

सारांश

इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार हो गए, जबकि कुछ की जान गई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि पूरे क्षेत्र की जांच में आठ से दस दिन लगेंगे। इस गंभीर समस्या पर प्रशासन सक्रिय है।

Key Takeaways

  • इंदौर में दूषित पानी पीने से स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हुआ है।
  • जांच में आठ से दस दिन का समय लगेगा।
  • 116 लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
  • नर्मदा की जल पाइपलाइन में रिसाव की संभावना है।
  • प्रशासन ने 2,700 घरों का सर्वेक्षण किया है।

इंदौर, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दूषित पानी पीने के कारण इंदौर में कई लोग बीमार पड़े हैं और कुछ की जान भी गई है। इस गंभीर मामले को लेकर प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि हम पूरे इलाके की जांच करवा रहे हैं और इसमें आठ से दस दिन का समय लगेगा।

मीडिया से बातचीत में मंत्री ने बताया कि यह संभावना है कि पीने के पानी में नाले का पानी मिल गया है। इस मुद्दे पर पहले से ही काम चल रहा है और यह अब भी जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि पानी में गंदे नाले का पानी मिला हुआ था।

उन्होंने बताया कि पुलिस चौकी के पास का स्थान जांच के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। हम इस पर पूरी तरह से ध्यान देंगे और इसमें आठ से दस दिन का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इलाके के नेताओं के साथ बैठक की थी और कुल आठ लोगों की मौत हुई है, जिनमें से दो से तीन लोगों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है।

अगर डॉक्टर बताते हैं कि दूषित पानी पीने के कारण भी किसी की मौत हुई है, तो उन्हें भी इस सूची में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी मरीजों से मुलाकात की है। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि नर्मदा की मुख्य जल आपूर्ति पाइपलाइन में रिसाव के कारण बीमारी फैली है, जहां पास के शौचालय के कारण कथित तौर पर सीवेज पीने के पानी में मिल गया था।

बुधवार तक इंदौर के अस्पतालों में 116 लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से 36 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं। उल्टी, दस्त और निर्जलीकरण जैसे लक्षणों के लिए 100 से अधिक लोगों का इलाज चल रहा है।

इंदौर जिला प्रशासन के अनुसार, घर-घर जाकर जांच करने वाली चिकित्सा टीमों ने 2,700 से अधिक घरों का सर्वेक्षण किया है, जिसमें लगभग 12,000 निवासी शामिल हैं, और हल्के लक्षणों वाले 1,146 लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया है।

Point of View

और इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

इंदौर में दूषित जल से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार हुए हैं और कुल आठ लोगों की जान गई है।
जांच में कितना समय लगेगा?
इस मामले की जांच में आठ से दस दिन का समय लगेगा।
दूषित पानी के कारण कौन से लक्षण देखे गए हैं?
उल्टी, दस्त, और निर्जलीकरण जैसे लक्षण देखे गए हैं।
क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है?
हां, प्रशासन ने पूरी क्षेत्र में जांच करने के लिए चिकित्सा टीमों को तैनात किया है।
क्या दूषित पानी पीने से हुई मौतों की जांच होगी?
अगर डॉक्टर बताते हैं कि किसी की मौत दूषित पानी पीने के कारण हुई है, तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।
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