इस्लामाबाद में अफगान पत्रकार परवेज अमीनजादा गिरफ्तार, पाकिस्तान में शरणार्थियों पर अत्याचार के आँकड़े चौंकाने वाले

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इस्लामाबाद में अफगान पत्रकार परवेज अमीनजादा गिरफ्तार, पाकिस्तान में शरणार्थियों पर अत्याचार के आँकड़े चौंकाने वाले

सारांश

पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के खिलाफ चल रहे अभियान का एक और चेहरा सामने आया — इस बार निशाने पर एक पत्रकार है। एएमएसओ की रिपोर्ट बताती है कि 96.4% हिरासती अफगानों के साथ दुर्व्यवहार हुआ और 2023 से अब तक 34 लाख से अधिक लोगों को निर्वासित किया जा चुका है।

मुख्य बातें

पाकिस्तानी पुलिस ने 21 मई 2025 को इस्लामाबाद के फैसल टाउन से अफगान पत्रकार परवेज अमीनजादा को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी का कोई आधिकारिक कारण अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
एएमएसओ की रिपोर्ट के अनुसार हिरासत में लिए गए 96.4% अफगानों के साथ दुर्व्यवहार हुआ; 85.7% को रिहाई के लिए पैसे देने पड़े।
2023 से अब तक पाकिस्तान और ईरान से 34 लाख से अधिक अफगान प्रवासियों को वापस भेजा गया।
रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की कमेटी अगेंस्ट टॉर्चर के सामने पेश की गई; किसी भी निर्वासित का व्यक्तिगत जोखिम आकलन नहीं किया गया।

पाकिस्तानी पुलिस ने 21 मई 2025 को इस्लामाबाद के फैसल टाउन इलाके से अफगान पत्रकार परवेज अमीनजादा को गिरफ्तार कर लिया। खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरफ्तारी बुधवार शाम 6:45 बजे हुई। अधिकारियों ने अब तक गिरफ्तारी का कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

यह गिरफ्तारी उस व्यापक अभियान के बीच हुई है जो पाकिस्तान ने बिना दस्तावेज़ वाले विदेशी नागरिकों के विरुद्ध छेड़ रखा है। पिछले कुछ महीनों में अफगान शरणार्थियों की गिरफ्तारी और निर्वासन की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ी हैं, जिनमें पत्रकार और मीडियाकर्मी भी शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इस अभियान की कार्यशैली पर गंभीर चिंता जताई है।

एएमएसओ की रिपोर्ट के चौंकाने वाले आँकड़े

8 मई को अफगानिस्तान मीडिया सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एएमएसओ) ने एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की, जिसे वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन अगेंस्ट टॉर्चर के साथ मिलकर तैयार किया गया और संयुक्त राष्ट्र की कमेटी अगेंस्ट टॉर्चर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

रिपोर्ट 41 अफगान नागरिकों पर किए गए सर्वे, 6 विस्तृत साक्षात्कारों और यूएनएचसीआर, आईओएम, एमनेस्टी इंटरनेशनल तथा ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान के दस्तावेज़ों पर आधारित है। इसके प्रमुख निष्कर्ष इस प्रकार हैं:

सर्वे में शामिल 68.3% अफगानों ने बताया कि उन्हें गिरफ्तार किया गया या जेल में रखा गया। हिरासत में लिए गए 96.4% लोगों ने दुर्व्यवहार की पुष्टि की। 85.7% को गिरफ्तारी से बचने या रिहाई के लिए पैसे देने पड़े, और 72.4% को बिना किसी कानूनी सुनवाई के 48 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया।

निर्वासन का पैमाना

एएमएसओ के अनुसार, 2023 से अब तक पाकिस्तान और ईरान से मिलाकर 34 लाख से अधिक अफगान प्रवासियों को वापस भेजा जा चुका है। संगठन ने यह भी कहा कि पाकिस्तान से निकाले गए किसी भी व्यक्ति का पहले व्यक्तिगत जोखिम आकलन नहीं किया गया — जो अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी कानून की एक बुनियादी आवश्यकता है।

मानवाधिकार संगठनों की चिंता

75.6% अफगानों ने बताया कि उन्हें धमकियाँ दी गईं, अपमानित किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। एएमएसओ ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में रह रहे अफगान शरणार्थियों को मनमानी गिरफ्तारियों, बदसलूकी, जबरन धन वसूली और जबरन निर्वासन की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

आगे क्या

परवेज अमीनजादा की गिरफ्तारी के बाद अफगान मीडिया और मानवाधिकार समूह उनकी रिहाई की माँग कर रहे हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला उस बड़े संकट का हिस्सा है जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मंचों पर पाकिस्तान की जवाबदेही को लेकर बहस को और तेज़ कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दबाव की राजनीति है। चिंताजनक यह है कि किसी भी निर्वासित का व्यक्तिगत जोखिम आकलन नहीं हुआ — जो अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी कानून का सीधा उल्लंघन है और जिस पर संयुक्त राष्ट्र मंचों पर पाकिस्तान की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफगान पत्रकार परवेज अमीनजादा को क्यों गिरफ्तार किया गया?
पाकिस्तानी पुलिस ने 21 मई 2025 को इस्लामाबाद के फैसल टाउन से परवेज अमीनजादा को गिरफ्तार किया, लेकिन अधिकारियों ने अब तक गिरफ्तारी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। यह गिरफ्तारी बिना दस्तावेज़ वाले विदेशियों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच हुई है।
पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों की स्थिति कितनी गंभीर है?
एएमएसओ की रिपोर्ट के अनुसार, 68.3% अफगानों को गिरफ्तार किया गया या जेल में रखा गया, और 96.4% हिरासती अफगानों ने दुर्व्यवहार की पुष्टि की। 2023 से अब तक 34 लाख से अधिक अफगान प्रवासियों को पाकिस्तान और ईरान से वापस भेजा जा चुका है।
एएमएसओ की रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई है?
यह रिपोर्ट 41 अफगान नागरिकों के सर्वे, 6 विस्तृत साक्षात्कारों और यूएनएचसीआर, आईओएम, एमनेस्टी इंटरनेशनल तथा ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान के दस्तावेज़ों पर आधारित है। इसे वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन अगेंस्ट टॉर्चर के साथ मिलकर तैयार किया गया और संयुक्त राष्ट्र की कमेटी अगेंस्ट टॉर्चर के सामने पेश किया गया।
क्या पाकिस्तान ने निर्वासन से पहले जोखिम आकलन किया?
एएमएसओ के अनुसार, पाकिस्तान से निकाले गए किसी भी व्यक्ति का पहले व्यक्तिगत जोखिम आकलन नहीं किया गया। यह अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी कानून की बुनियादी आवश्यकता है, जिसकी अनदेखी मानवाधिकार संगठनों की आपत्ति का मुख्य आधार है।
इस मामले में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की क्या भूमिका है?
एएमएसओ ने अपनी रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की कमेटी अगेंस्ट टॉर्चर के सामने पेश की है। यूएनएचसीआर और आईओएम के दस्तावेज़ भी रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं, जो इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निगरानी के दायरे में लाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले