बशीरहाट में भाजपा बूथ अध्यक्ष के घर के बाहर देसी बम और धमकी भरा खत, इलाके में दहशत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में गुरुवार, 21 मई की सुबह एक भाजपा नेता के घर के बाहर दो देसी बम और एक धमकी भरा खत मिला, जिससे पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया। यह घटना शासिना गांव में हुई, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बूथ अध्यक्ष अनिल बरन मल्लिक निवास करते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय लोगों के अनुसार, बदमाशों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मल्लिक के घर के प्रवेश द्वार पर दो देसी बम रख दिए और फरार हो गए। घटना तब सामने आई जब अनिल बरन मल्लिक ने सुबह अपना दरवाजा खोला और विस्फोटक उन्हें दिखाई दिए। इसके अलावा बालकनी की ग्रिल से एक धमकी भरा पत्र और कुछ बोतलें भी बंधी मिलीं।
जैसे ही यह खबर फैली, ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और पुलिस को सूचित किया। बशीरहाट पुलिस स्टेशन के अधिकारियों और इलाके में तैनात केंद्रीय बलों ने तत्काल पहुँचकर विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से हटा दिया।
भाजपा नेता का बयान
मल्लिक ने बताया कि वे लगभग दो दशकों से भाजपा से जुड़े हुए हैं और इससे पहले उन्हें कभी ऐसी धमकियों का सामना नहीं करना पड़ा था। उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी आँखों से किसी को नहीं देखा है, इसलिए मैं किसी का नाम लेकर दुश्मनी नहीं बढ़ाना चाहता।' हालाँकि उन्होंने इशारा किया कि इस घटना के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है और उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं की भूमिका पर सवाल उठाए।
मल्लिक ने यह भी दावा किया कि बदमाश इसलिए नाराज हैं क्योंकि वे लंबे समय से भाजपा बूथ अध्यक्ष के रूप में सक्रिय हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता भास्कर चौधरी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि हालिया चुनाव में इस बूथ पर भाजपा को भारी मतदान मिला था और इसी कारण तृणमूल कांग्रेस नाराज है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मल्लिक के लिए सुरक्षा बढ़ाने की माँग की और कहा कि स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच जारी है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और जनता का विश्वास बहाल करने के लिए पुलिस ने शासिना गांव में फ्लैग मार्च किया। अधिकारी स्थानीय लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बम कहाँ से लाए गए और आधी रात को घर के पास कौन था। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ चर्चा में रही हैं। गौरतलब है कि उत्तर 24 परगना जिला पहले भी राजनीतिक संघर्ष का केंद्र रहा है। आलोचकों का कहना है कि बंगाल में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की घटनाएँ एक चिंताजनक प्रवृत्ति बन रही हैं, हालाँकि इस विशेष मामले में अभी जाँच जारी है और किसी की संलिप्तता आधिकारिक रूप से सिद्ध नहीं हुई है।