29 जुलाई 2026
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बंगाल चुनाव: दूसरे चरण की वोटिंग में हिंसा, दक्षिण 24 परगना में भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार की गाड़ी पर हमला

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बंगाल चुनाव: दूसरे चरण की वोटिंग में हिंसा, दक्षिण 24 परगना में भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार की गाड़ी पर हमला

सारांश

पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में मतदान के दौरान हिंसा का तांडव — दक्षिण 24 परगना में भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार की गाड़ी पर हमला, हावड़ा में EVM खराबी पर लाठीचार्ज, नादिया में पुलिसकर्मी पर TMC के पक्ष में वोट माँगने का आरोप। बंगाल की चुनावी हिंसा एक बार फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में।

मुख्य बातें

29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में नादिया, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना में हिंसक झड़पें हुईं।
दक्षिण 24 परगना के बसंती में भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार पर बूथ नंबर 76 पर कथित तौर पर हमला हुआ और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।
हावड़ा के बाली में EVM खराबी के बाद हंगामा, केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज किया और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
नादिया के करीमपुर में पश्चिम बंगाल पुलिस के एक अधिकारी पर TMC के पक्ष में वोट माँगने का आरोप।
छपरा में भाजपा पोलिंग एजेंट मोशर्रफ मीर पर हमला, सिर में चोट, अस्पताल में भर्ती।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान 29 अप्रैल को नादिया, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों में हिंसक झड़पें सामने आईं। दक्षिण 24 परगना के बसंती क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार विकास सरदार पर कथित तौर पर हमला किया गया और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

बसंती में भाजपा उम्मीदवार पर हमला

सूत्रों के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार जब बूथ नंबर 76 का मुआयना करने पहुँचे, तो कुछ लोगों ने कथित तौर पर उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। आरोप है कि हमलावरों ने उनके सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने की भी कोशिश की। यह भी आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने में कोई दखल नहीं दिया, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।

पानीहाटी और हुगली में भी हंगामा

पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 145 पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं के बीच झगड़ा हुआ, जो काफी देर तक चला। बाद में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालकर स्थिति को काबू में किया। हुगली-चुचुड़ा में सड़क किनारे लगे तृणमूल के चुनावी बैनर हटाने पर विवाद हो गया। कथित तौर पर बूथ नंबर 27, 28 और 29 पर वोटर लिस्ट फाड़ने को लेकर भी बवाल हुआ और केंद्रीय बलों के कुछ जवानों को TMC कार्यकर्ताओं ने वहाँ से भगाने की कोशिश की।

हावड़ा में EVM खराबी से आक्रोश, दो गिरफ्तार

हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में खराबी के कारण मतदाता भड़क उठे। बूथ नंबर 152, 153 और 154 पर भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज कर स्थिति को संभाला। इस घटना में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और हावड़ा पुलिस कमिश्नर भी स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे।

नादिया और उत्तर 24 परगना में तनाव

नादिया जिले के करीमपुर विधानसभा क्षेत्र में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब पश्चिम बंगाल पुलिस के एक अधिकारी को कथित तौर पर मतदाताओं को तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करते देखा गया। वहीं, छपरा विधानसभा सीट के हत्रा पंचायत के बूथ नंबर 52 के भाजपा पोलिंग एजेंट मोशर्रफ मीर पर कथित तौर पर बेरहमी से हमला किया गया, जिससे उनके सिर में चोट आई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उत्तर 24 परगना जिले के सासन इलाके में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह को एआईएसएफ समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वहाँ मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की थी।

आगे क्या होगा

चुनाव आयोग (ECI) इन घटनाओं पर नज़र बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त केंद्रीय बल तैनात करने की रिपोर्टें हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है और यह दूसरे चरण में भी उसी प्रवृत्ति की पुनरावृत्ति दर्शाता है। मतगणना के परिणाम और चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया इन घटनाओं के दीर्घकालिक प्रभाव को निर्धारित करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह संस्थागत विफलता का संकेत है, न केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता इस बात पर टिकी है कि वह इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच कराता है या केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहता है। बंगाल में हर चुनाव के बाद हिंसा की रिपोर्टें आती हैं और हर बार जाँच अधूरी रह जाती है — यह चक्र तोड़ा नहीं गया, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा और कमज़ोर होगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में क्या हुआ?
29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान नादिया, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना में हिंसक झड़पें हुईं। भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार पर हमला हुआ और कई बूथों पर अव्यवस्था की खबरें आईं।
दक्षिण 24 परगना में भाजपा उम्मीदवार पर हमला कैसे हुआ?
बसंती के बूथ नंबर 76 पर भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार जब निरीक्षण करने पहुँचे तो कथित तौर पर कुछ लोगों ने उन पर हमला किया और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की। सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने की भी कोशिश की गई।
हावड़ा के बाली में क्या हुआ और दो लोगों को क्यों गिरफ्तार किया गया?
बाली विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 152, 153 और 154 पर EVM खराबी के कारण मतदाता भड़क उठे और हंगामा हुआ। केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज करके स्थिति संभाली और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
नादिया में पुलिस अधिकारी पर क्या आरोप लगा?
नादिया के करीमपुर विधानसभा क्षेत्र में पश्चिम बंगाल पुलिस के एक अधिकारी को कथित तौर पर मतदाताओं को तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित करते हुए देखा गया, जो आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है।
बंगाल चुनाव में इस तरह की हिंसा पहले भी हुई है?
हाँ, पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। पिछले कई विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी मतदान के दौरान हिंसा, बूथ कैप्चरिंग और पोलिंग एजेंटों पर हमले की घटनाएँ सामने आई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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