राजस्थान: बारां और बीकानेर कलेक्ट्रेट को बम की धमकी, चौथी बार अलर्ट — तलाशी में कुछ नहीं मिला
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के बारां और बीकानेर जिला कलेक्ट्रेट को बुधवार, 6 मई 2026 को ईमेल के ज़रिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद दोनों इमारतों को तत्काल खाली करा लिया गया और सुरक्षा एजेंसियाँ हरकत में आ गईं। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला है, लेकिन जाँच जारी है।
धमकी भरे ईमेल का ब्यौरा
बारां कलेक्ट्रेट को बुधवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें बम विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। ईमेल में कुछ असामान्य निर्देश भी थे — जैसे लाल साड़ी या लाल शर्ट पहनने वाले किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश न दिया जाए। इसके अलावा ईमेल में मानव बम इस्तेमाल करने का उल्लेख भी था, साथ ही कुछ भ्रामक जानकारी भी शामिल थी।
इसी तरह की धमकी बीकानेर जिला कलेक्ट्रेट को भी ईमेल के माध्यम से मिली, जिससे वहाँ भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों स्थानों पर कर्मचारियों और आगंतुकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
अलर्ट मिलते ही बारां में पुलिस मौके पर पहुँच गई। कोटा से बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड बुलाया गया और पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
बीकानेर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चक्रवर्ती सिंह राठौड़ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और जाँच की निगरानी की। अधिकारियों ने पुष्टि की कि दोनों जगहों से सभी कर्मचारियों और नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बारां को यह चौथी धमकी
गौरतलब है कि बारां कलेक्ट्रेट को हाल के दिनों में यह चौथी बार ऐसी धमकी मिली है। इससे दो दिन पहले एक ईमेल में दावा किया गया था कि कलेक्ट्रेट और जिला अदालत में 16 साइनाइड से भरे बम लगाए गए हैं, हालाँकि जाँच में कुछ नहीं मिला था।
इससे पहले 14 मई 2025 और 19 दिसंबर 2025 को भी इसी तरह की धमकियाँ मिल चुकी हैं, जिनके बाद इमारतें खाली कराकर लंबे समय तक तलाशी ली गई थी। 4 अप्रैल 2026 को भी ऐसा ही एक ईमेल मिला था।
अधिकारियों का रुख
अधिकारियों का कहना है कि बार-बार मिल रही इन धमकियों को गंभीरता से लिया जा रहा है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर जाँच एजेंसियों की मदद ली जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल किसी संदिग्ध के गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है और जाँच जारी है — आने वाले दिनों में साइबर फोरेंसिक रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।