नागौर कोर्ट को बम से उड़ाने की नई धमकी, सुरक्षा चाक-चौबंद

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नागौर कोर्ट को बम से उड़ाने की नई धमकी, सुरक्षा चाक-चौबंद

सारांश

नागौर कोर्ट को बम धमकी मिलने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे परिसर की जांच शुरू की। तकनीकी साधनों और डॉग स्क्वाड का सहारा लेकर सभी क्षेत्रों की गहन जांच की जा रही है।

मुख्य बातें

बम धमकी की जांच जारी है।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
धमकियों का स्रोत जानना चुनौती है।

नागौर, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के नागौर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद, सोमवार को पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने पूरा परिसर खाली करवा कर जांच शुरू की। कोर्ट परिसर में तकनीकी उपकरणों और डॉग स्क्वाड की मदद से हर क्षेत्र की गहन जांच की जा रही है ताकि जान और संपत्ति पर खतरा कम से कम हो सके।

पुलिस का कहना है कि धमकी देने वाला ईमेल कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह ईमेल सीधे कोर्ट में आया था और इसके बाद पूरे कोर्ट को अलर्ट कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, धमकियां ज्यादातर ईमेल के माध्यम से आ रही हैं और अभी तक उनका स्रोत नहीं पता चल पाया है। कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि धमकी कहां से आ रही है और इसके पीछे क्या कारण है। जब भी ऐसे थ्रेट्स आते हैं, सुरक्षा को उच्च स्तर पर रखा जाता है। हमारा फोकस यही है कि यदि थ्रेट सक्रिय हो जाए, तो नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

एक वकील ने बताया कि पिछले एक महीने से धमकियों का सिलसिला जारी है। यह दूसरी बार है जब नागौर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस दौरान कोर्ट की कार्यवाही प्रभावित हुई है और जमानत व अन्य मामलों में देरी हुई है। सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स कोर्ट परिसर में हर गतिविधि पर नजर रख रही है।

वकील का कहना है कि असली चुनौती इस धमकी के स्रोत का पता लगाना है। सरकार और संबंधित एजेंसियों को चाहिए कि ईमेल का स्रोत जल्द से जल्द पता करें। हाल के समय में जोधपुर, जयपुर, और बीकानेर में भी ऐसी धमकियां आई हैं। इन धमकियों का प्रभाव कोर्ट और प्रशासन पर काफी पड़ रहा है।

पुलिस और कोर्ट स्टाफ पूरी मेहनत कर रहे हैं कि सुरक्षा में कोई कमी न आए और प्रशासनिक काम प्रभावित न हो, लेकिन बिना स्रोत का पता चले, ये धमकियां लगातार चिंता का कारण बन रही हैं। वकील और कोर्ट स्टाफ का कहना है कि प्रशासन और एजेंसियों को एक साथ मिलकर इस स्रोत की पहचान करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी धमकियों से बचा जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागौर कोर्ट को क्यों धमकी मिली?
धमकी का स्रोत अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन यह ईमेल के माध्यम से आई है।
क्या धमकी से कोर्ट की कार्रवाई प्रभावित हुई?
हां, इस धमकी के चलते जमानत और अन्य मामलों में देरी हुई है।
सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
पुलिस सुरक्षा को उच्च स्तर पर रखकर पूरी जांच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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