झारखंड में बम से उड़ाने की धमकी का सिलसिला जारी, बोकारो कोर्ट परिसर भी निशाने पर

Click to start listening
झारखंड में बम से उड़ाने की धमकी का सिलसिला जारी, बोकारो कोर्ट परिसर भी निशाने पर

सारांश

झारखंड में बम से उड़ाने की धमकियों का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। बोकारो सिविल कोर्ट परिसर को भी अब ई-मेल के जरिए धमकी मिली है। पुलिस ने सुरक्षा के लिए सघन चेकिंग शुरू कर दी है।

Key Takeaways

  • बोकारो कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
  • पुलिस ने सुरक्षा के लिए सघन चेकिंग शुरू की है।
  • इससे पहले भी रांची और धनबाद में ऐसी धमकियाँ मिली हैं।
  • साइबर सेल ई-मेल के स्रोत की जांच कर रहा है।
  • सुरक्षा कारणों से आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।

रांची, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में अदालतों और सरकारी परिसरों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला अभी भी जारी है। पहले रांची में सिविल कोर्ट, समाहरणालय, और पासपोर्ट ऑफिस को मिली धमकियों के बाद, अब बोकारो सिविल कोर्ट परिसर को भी ई-मेल के माध्यम से उड़ाने की धमकी मिली है।

सोमवार को जब यह सूचना मिली, तो कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। एहतियात के तौर पर परिसर को तुरंत खाली कराया गया और वहां उपस्थित वकीलों, कर्मचारियों, और मुवक्किलों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। बोकारो के एसपी हरविंदर सिंह खुद मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।

पुलिस ने पूरे परिसर में तलाशी अभियान चलाने के लिए कई टीमों को तैनात किया। बम की आशंका के चलते बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड भी बुलाए गए। कोर्ट भवन, पार्किंग क्षेत्र, कार्यालयों और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की गई। परिसर में खड़ी गाड़ियों की भी सघन जांच की गई, जिसके लिए हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया गया।

सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। इससे पहले, 25 फरवरी को धनबाद के सिविल कोर्ट परिसर को भी इसी तरह की धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था, जिसमें बम लगाए जाने का दावा किया गया था। तब पूरे परिसर को खाली कराकर पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने अदालत कक्षों, वकीलों के चैंबर, हाजत और अन्य संवेदनशील स्थानों की सघन तलाशी ली थी।

हालांकि, जांच के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला। उल्लेखनीय है कि इससे पहले रांची सिविल कोर्ट, समाहरणालय, डीसी ऑफिस और पासपोर्ट सेवा केंद्र को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। एक मामले में धमकी देने वाले ने ‘सल्फर नाइट्रेट’ आधारित विस्फोटक का प्रयोग करने का दावा भी किया था। लगातार मिल रही धमकियों के कारण, पुलिस ने साइबर सेल को सक्रिय कर दिया है। ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और सर्वर की तकनीकी जांच की जा रही है।

Point of View

बल्कि न्याय प्रणाली पर भी असर पड़ रहा है। पुलिस की सक्रियता और जांच आवश्यक है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या बोकारो कोर्ट परिसर को सच में खतरा है?
अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला है, लेकिन सुरक्षा कारणों से जांच जारी है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने कई टीमों को तैनात किया है और बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया है।
क्या पहले भी ऐसी धमकियाँ मिली हैं?
जी हाँ, रांची और धनबाद के सरकारी परिसरों को भी इसी तरह की धमकियाँ मिल चुकी हैं।
साइबर सेल किस प्रकार मदद कर रहा है?
साइबर सेल ई-मेल के स्रोत और सर्वर की तकनीकी जांच कर रहा है।
क्या आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है?
जी हाँ, सुरक्षा के कारण कुछ समय के लिए आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
Nation Press