बिहार विधानसभा और पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
सारांश
Key Takeaways
- बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
- सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की है।
- धमकी अज्ञात मेल के जरिए आई थी।
- सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की जांच की है।
- लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
पटना, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा को शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और विधानसभा परिसर की सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया।
बम से उड़ाने की सूचना मिलते ही पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर सुरक्षाकर्मी बम निरोधक दस्ते के साथ विधानसभा पहुंचे और जांच में जुट गए। बम निरोधक दस्ते (बम स्क्वॉड) ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर की जांच शुरू कर दी। इसके साथ ही डॉग स्क्वॉड की टीम भी जांच में लगी हुई है। सुरक्षाकर्मी विधानसभा के हर कोने, कक्ष और आसपास के इलाकों की सघन तलाशी ले रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
पटना के एसएसपी ने पत्रकारों को बताया कि यह धमकी अज्ञात मेल के जरिए आई थी। साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई चल रही है।
बता दें कि 13 मार्च 2026 को बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे पहले पटना सिविल कोर्ट समेत कुछ जिलों के कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी।
इसी बीच, पटना सिविल कोर्ट को भी उड़ाने की धमकी मिलने की खबर से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। सिविल कोर्ट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहां आने-जाने वाले लोगों की कड़ी जांच की जा रही है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
दोनों स्थानों पर जांच-पड़ताल का काम जारी है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रही हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और मामले की जांच जारी है।