दिल्ली में टीबी उपचार के लिए नया जिला केंद्र: नजफगढ़ आरएचटीसी में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
सारांश
Key Takeaways
- नजफगढ़ में नया जिला टीबी केंद्र स्थापित किया जाएगा।
- इसमें 10 बिस्तरों वाला आईपीडी होगा।
- टीबी मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
- यह केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने में मदद करेगा।
- टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) देखभाल सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए, दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत नजफगढ़ में ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी) पर एक नया जिला टीबी केंद्र/चेस्ट क्लिनिक स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस केंद्र में 10 बिस्तरों वाला इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) होगा, जहाँ ड्रग-सेंसिटिव और ड्रग-रेसिस्टेंट दोनों प्रकार के टीबी मरीजों को उचित उपचार प्रदान किया जाएगा।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने इस विकास की जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। नजफगढ़ स्थित आरएचटीसी में यह नया जिला टीबी केंद्र/चेस्ट क्लिनिक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुविधा दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में टीबी मरीजों को समय पर जांच, विशेषज्ञों से परामर्श और बेहतर उपचार की पहुंच सुनिश्चित करेगी।
नजफगढ़ आरएचटीसी दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की ग्रामीण आबादी का एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जो नांगली, सकरावती, धर्मपुरा और भारत विहार जैसे क्षेत्रों के लगभग 3 से 4 लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। वर्तमान में कई टीबी मरीजों को विशेष सेवाओं के लिए जाफरपुर स्थित आरटीआरएम अस्पताल तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन यह नया केंद्र बेहतर सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी के कारण मरीजों के लिए बेहद सुलभ होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि टीबी की उन्नत जांच सुविधाएं, समर्पित बेड और विशेषज्ञों की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराकर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी मरीज इलाज से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हम एक उन्नत और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो टीबी जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर सके।
दिल्ली सरकार ने टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के तहत 24 मार्च से 09 अप्रैल के बीच एक बड़े अभियान के रूप में काम किया। इस दौरान कुल 432 आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें से 88 कैंप उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लगाए गए। इन शिविरों में 38,800 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि 18,645 एक्स-रे और 12,586 एनएएटी परीक्षण किए गए। इस अभियान के तहत 3,760 टीबी मरीजों की पहचान की गई और 1,768 परिवारों से संपर्क कर उपचार प्रदान किया गया। इसके साथ ही 302 मरीजों को निक्षय मित्र पहल के तहत खाद्य पैकेट भी दिए गए।
यह आरएचटीसी केंद्र सीबीएनएएटी और ट्रूनेट जैसी आधुनिक जांच सुविधाओं से लैस होगा, जिससे टीबी, विशेषकर ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी की त्वरित और सटीक पहचान संभव होगी। साथ ही, आसपास के डायग्नोस्टिक और उपचार केंद्रों की मौजूदगी से उपचार की निरंतरता और भी मजबूत होगी। नजफगढ़ स्थित आरएचटीसी में जिला टीबी केंद्र का विकास दिल्ली सरकार की सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और टीबी-मुक्त दिल्ली के लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।