रांची सिविल कोर्ट को मिली बम धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हुईं चौकस
सारांश
Key Takeaways
- रांची सिविल कोर्ट को मिली बम से उड़ाने की धमकी।
- धमकी में '14 साइनाइड बम' का जिक्र।
- सुरक्षा के लिए पुलिस और बम निरोधक टीमों की तैनाती।
- धमकियों का सिलसिला केवल रांची तक सीमित नहीं।
- साइबर सेल की मदद से जांच जारी।
रांची, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में अदालतों और सरकारी परिसरों को बम से उड़ाने की धमकियों ने पुलिस और प्रशासन को चिंतित कर दिया है। मंगलवार को रांची के सिविल कोर्ट को एक बार फिर ई-मेल के माध्यम से डराने की धमकी मिली है, जिसमें इस बार '14 साइनाइड बम' के उपयोग का दावा किया गया है।
धमकी भरे ई-मेल में न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि जब बेकसूर को इंसाफ नहीं मिलता, तो कोर्ट का क्या मतलब है। इस सूचना के बाद कोतवाली के डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
सुरक्षा के मद्देनज़र कोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया और मुख्य प्रवेश द्वार को कुछ समय के लिए बंद करके पूर्ण तलाशी ली गई। इससे पहले 28 फरवरी को भी रांची कोर्ट को 'आरडीएक्स' के माध्यम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क थीं। यह धमकियों का सिलसिला केवल रांची तक सीमित नहीं है।
सोमवार को बोकारो सिविल कोर्ट परिसर को भी ई-मेल के जरिए उड़ाने की धमकी दी गई, जिससे वहां मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और मुवक्किलों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बोकारो के एसपी हरविंदर सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को खाली कराकर गहन जांच अभियान शुरू किया गया। हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्तों के माध्यम से पार्किंग क्षेत्र और कार्यालयों की बारीकी से जांच की गई।
पिछले कुछ दिनों में धनबाद सिविल कोर्ट, रांची समाहरणालय (डीसी ऑफिस) और पासपोर्ट सेवा केंद्र को भी इसी तरह की धमकियां मिली हैं। एक पुराने मामले में धमकी देने वाले ने 'सल्फर नाइट्रेट' जैसे रसायनों के उपयोग की बात कही थी। बार-बार मिल रही इन धमकियों और एक ही पैटर्न (ई-मेल) के उपयोग को देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल को सक्रिय कर दिया है।
तकनीकी टीमें ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और सर्वर की जांच कर रही हैं ताकि इन फर्जी धमकियों के पीछे छिपे शरारती तत्वों तक पहुंचा जा सके।