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झारखंड: धनबाद सिविल कोर्ट में बम की धमकी से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप

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झारखंड: धनबाद सिविल कोर्ट में बम की धमकी से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप

सारांश

झारखंड में धनबाद सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी से सुरक्षा में बढ़ती चिंता। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। जानिए पूरी घटना।

मुख्य बातें

झारखंड में बम धमकी का मामला गंभीर है।
सुरक्षा एजेंसियों ने तेज़ी से कार्रवाई की।
साइबर सेल द्वारा जांच जारी है।
धमकी भरे ई-मेल का स्रोत तलाशा जा रहा है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सजगता आवश्यक है।

धनबाद/रांची, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में न्यायालय और प्रशासनिक भवनों को बम से उड़ाने की धमकियों का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया घटना धनबाद की है, जहाँ बुधवार को एक अज्ञात शरारती ने धमकी भरा ई-मेल भेजा, जिसमें सिविल कोर्ट परिसर में बम लगाए जाने का दावा किया गया।

जानकारी मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हुईं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ई-मेल से मिली धमकी की सूचना जिला जज और पुलिस प्रशासन को दी गई। एहतियात के तौर पर पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और वकीलों, मुवक्किलों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। स्थानीय पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुँचकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया।

कोर्ट के सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया और हाजत, कोर्ट रूम, वकीलों के चैंबर तथा अन्य संवेदनशील स्थलों की बारीकी से जांच की गई। शाम तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इससे पहले, १२ फरवरी को भी रांची समाहरणालय को इस तरह की धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ था। उस संदेश में 'सल्फर नाइट्रेट' आधारित विस्फोटक के उपयोग का दावा किया गया था और कहा गया था कि बम निरोधक दस्ते उसे पकड़ नहीं पाएंगे।

सूचना मिलने के बाद पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर प्रशासनिक भवनों, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग और आसपास के क्षेत्रों की आधुनिक उपकरणों से जांच की गई थी। हालांकि, वहाँ भी कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। उल्लेखनीय है कि ६ फरवरी को भी रांची में ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी घंटों तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं मिला।

पुलिस ने ताजा मामलों को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया है। ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और सर्वर की तकनीकी जांच चल रही है। अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई है कि विभिन्न धमकियों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद सिविल कोर्ट को धमकी कब मिली?
धमकी २५ फरवरी को मिली थी जब अज्ञात व्यक्ति ने ई-मेल के जरिए बम लगाए जाने का दावा किया।
सुरक्षा एजेंसियों ने क्या कार्रवाई की?
सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कोर्ट परिसर को खाली किया और तलाशी अभियान शुरू किया।
क्या पहले भी ऐसी धमकियाँ मिली हैं?
हाँ, इससे पहले १२ और ६ फरवरी को भी ऐसे धमकी भरे ई-मेल मिले थे।
साइबर सेल क्या कर रही है?
साइबर सेल ई-मेल के स्रोत और आईपी एड्रेस की तकनीकी जांच कर रही है।
क्या कोई संदिग्ध वस्तु मिली?
तलाशी के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना नहीं मिली।
राष्ट्र प्रेस
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