उदयपुर जिला कोर्ट को बम धमकी: परिसर खाली, डॉग स्क्वॉड और ATS सक्रिय

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उदयपुर जिला कोर्ट को बम धमकी: परिसर खाली, डॉग स्क्वॉड और ATS सक्रिय

सारांश

उदयपुर जिला कोर्ट को ईमेल से बम धमकी — और यह अकेली घटना नहीं है। तीन हफ्तों में यह तीसरी बार है जब राजस्थान के किसी प्रमुख सरकारी परिसर को निशाना बनाया गया है। ATS और डॉग स्क्वॉड मैदान में हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि ये धमकियाँ किस पैटर्न का हिस्सा हैं।

मुख्य बातें

उदयपुर जिला एवं सत्र न्यायालय को 4 मई 2025 की सुबह 8:30 बजे ईमेल के ज़रिए बम धमकी मिली।
प्रशासन ने तत्काल परिसर खाली कराया; डॉग स्क्वॉड और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड ने तलाशी शुरू की।
अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली; पुलिस ने ईमेल स्रोत की तकनीकी जांच शुरू की।
28 अप्रैल को राजस्थान विधानसभा और 13 अप्रैल को हाई कोर्ट व सेशन कोर्ट को भी इसी तरह की धमकियाँ मिली थीं।
तीन हफ्तों में यह तीसरी बड़ी बम धमकी घटना है; सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर।

राजस्थान के उदयपुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को 4 मई 2025 की सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल पूरे परिसर को खाली करा लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। धमकी ईमेल के ज़रिए भेजी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है।

घटनाक्रम: कब और कैसे मिली धमकी

सोमवार की सुबह करीब 8:30 बजे जब वकील और मुकदमे से जुड़े लोग कोर्ट परिसर में पहुंचना शुरू ही हुए थे, तभी ईमेल के माध्यम से बम की धमकी मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना देर किए परिसर खाली कराने का आदेश दिया। कुछ ही मिनटों में सभी गेट बंद कर दिए गए और चारों तरफ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी गई।

सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

मौके पर जिला पुलिस, डॉग स्क्वॉड और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की टीमें पहुंचीं। सुरक्षाकर्मी कोर्ट के हर कमरे, गलियारे और कोने-कोने की बारीकी से तलाशी ले रहे हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और तकनीकी जांच शुरू की गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि ईमेल कहाँ से भेजा गया और इसके पीछे कौन है।

आम जनता पर असर

अचानक हुए इस घटनाक्रम के कारण कोर्ट सर्किल के पास भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

राजस्थान में बढ़ती बम धमकियों का पैटर्न

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में इस तरह की धमकियों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। 28 अप्रैल को राजस्थान विधानसभा को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जहाँ घंटों तक सर्च ऑपरेशन चला लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इससे पहले 13 अप्रैल को हाई कोर्ट और सेशन कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिली थी और वहाँ भी तलाशी में कुछ नहीं मिला था। यह तीसरी बड़ी ऐसी घटना है जो महज़ तीन हफ्तों में सामने आई है।

आगे क्या होगा

पुलिस का कहना है कि पूरे परिसर की अच्छी तरह जांच के बाद ही कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तलाशी अभियान जारी है। लगातार मिल रही इन धमकियों के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियाँ और अधिक सतर्क हो गई हैं और न्यायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या ये धमकियाँ जानबूझकर प्रशासनिक व्यवधान पैदा करने के लिए दी जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को तलाशी से आगे जाकर ईमेल स्रोतों की साइबर जांच और संभावित मंशा की पड़ताल को प्राथमिकता देनी होगी, ताकि इस 'वुल्फ क्राई' रणनीति को तोड़ा जा सके।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदयपुर कोर्ट को बम धमकी कैसे मिली?
4 मई 2025 को सुबह करीब 8:30 बजे ईमेल के ज़रिए उदयपुर जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली। पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है ताकि ईमेल का स्रोत पता लगाया जा सके।
उदयपुर कोर्ट बम धमकी के बाद क्या कदम उठाए गए?
प्रशासन ने तत्काल पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया, सभी गेट बंद कर दिए और जिला पुलिस, डॉग स्क्वॉड तथा एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। पूरे परिसर की कमरा-दर-कमरा तलाशी जारी है।
क्या उदयपुर कोर्ट में कोई बम मिला?
अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। तलाशी अभियान जारी है और पुलिस का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
राजस्थान में हाल ही में और कहाँ बम धमकियाँ मिली हैं?
28 अप्रैल को राजस्थान विधानसभा को और 13 अप्रैल को हाई कोर्ट व सेशन कोर्ट को भी बम धमकियाँ मिली थीं। दोनों मामलों में घंटों तक सर्च ऑपरेशन चला लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
उदयपुर कोर्ट बम धमकी का ट्रैफिक और आम जनता पर क्या असर पड़ा?
कोर्ट परिसर खाली होने के बाद कोर्ट सर्किल के पास भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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