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पश्चिम बंगाल की अदालतों को फिर से बम से उड़ाने की मिली धमकी, सुरक्षा कड़ी

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पश्चिम बंगाल की अदालतों को फिर से बम से उड़ाने की मिली धमकी, सुरक्षा कड़ी

सारांश

पश्चिम बंगाल की अदालतों में बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। एक दिन पहले भी ऐसी धमकियां आई थीं, जिससे न्यायिक परिसर में दहशत का माहौल है। जानें इस मामले में क्या हुई कार्रवाई।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल की अदालतों को लगातार धमकियां मिल रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।
पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी अभियान चलाया।
अधिकारियों ने इसे अफवाह मानते हुए जांच शुरू की है।
राज्य सरकार ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

कोलकाता, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के कई न्यायालयों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी प्राप्त हुई। यह घटना तब हुई जब राज्य की सात अदालतों को इसी प्रकार के ईमेल एक दिन पहले भेजे गए थे।

नए धमकी भरे संदेश विभिन्न जिला न्यायालयों के न्यायाधीशों को भेजे गए, जिससे न्यायिक परिसरों में खलबली मच गई और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया।

पुलिस के अनुसार, सबसे पहले धमकी की सूचना आसनसोल जिला एवं सत्र न्यायालय से मिली। ईमेल पश्चिम बर्दवान जिले के जिला न्यायाधीश को भेजा गया था, जिसमें यह दावा किया गया था कि अदालत परिसर में बम रखा गया है और वह कुछ समय बाद विस्फोट करेगा।

जैसे ही सूचना मिली, आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस उपायुक्त ध्रुबा दास मौके पर पहुंचे और तुरंत पूरे परिसर को खाली करा दिया।

इसी प्रकार की स्थिति बीरभूम जिले के सूरी जिला न्यायालय में भी देखी गई। सूत्रों के अनुसार, वहां भी जिला न्यायाधीश को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ।

दोपहर १२ बजे निर्धारित सुनवाई से पहले संदेश मिलने पर अदालत कक्ष में दहशत का माहौल बन गया और एहतियातन सभी को बाहर निकाल दिया गया।

पुलिस और बम निरोधक दस्ते को तुरंत सूचना दी गई। दोपहर करीब २ बजे तक आसनसोल और सूरी दोनों अदालत परिसरों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।

अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद इसे अफवाह या शरारती तत्वों की करतूत होने की संभावना जताई है।

इस बीच, पड़ोसी राज्य झारखंड के धनबाद जिला न्यायालय में भी बुधवार को बम की अफवाह फैल गई। वहां भी ईमेल के माध्यम से दावा किया गया कि न्यायालय परिसर में आरडीएक्स रखा गया है। एहतियातन न्यायालय परिसर को खाली कराया गया और पुलिस तथा बम निरोधक दस्ते ने तलाशी अभियान शुरू किया।

ध्यान देने योग्य है कि इससे एक दिन पहले राज्य की सात अदालतों, जिनमें कलकत्ता उच्च न्यायालय भी शामिल है, को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। लगातार दो दिनों से ऐसी घटनाओं ने न्यायाधीशों, वकीलों और आम लोगों में चिंता और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य प्रशासन ने राज्य सचिवालय में तत्काल उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि न्यायालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है और फिलहाल घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने आम जनता से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही, पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने धमकी भरे ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है और डिजिटल ट्रेल खंगाले जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में बढ़ती हुई असुरक्षा का भी संकेत है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई करे।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल की अदालतों को धमकी कब मिली?
बुधवार को पश्चिम बंगाल की कई अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिली।
इस धमकी का क्या असर हुआ?
इस धमकी के बाद न्यायालयों में सुरक्षा बढ़ा दी गई और परिसर को खाली कराया गया।
क्या पुलिस ने कोई कार्रवाई की?
पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
राज्य सरकार ने क्या कहा?
मुख्य सचिव ने कहा कि अदालतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
राष्ट्र प्रेस
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