अपूर्वा अरोड़ा की फिल्म 'मोमाकु' 4 जून को केबल वन ओटीटी पर, बोलीं — थिएटर ने सिखाया मुश्किल में काम करना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अपूर्वा अरोड़ा की फिल्म 'मोमाकु' 4 जून को केबल वन ओटीटी पर, बोलीं — थिएटर ने सिखाया मुश्किल में काम करना

सारांश

अपूर्वा अरोड़ा की हरियाणवी फिल्म 'मोमाकु' 4 जून को केबल वन ओटीटी पर आ रही है। पंजाब में हुई पूरी नाइट शूटिंग और थिएटर की तालीम ने उन्हें मुश्किल हालात में काम करना सिखाया — यही उनके अभिनय की असली पहचान है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री अपूर्वा अरोड़ा की फिल्म 'मोमाकु' 4 जून को केबल वन ओटीटी पर रिलीज होगी।
फिल्म हरियाणा के ग्रामीण परिवेश में एक सर्द रात की घटना पर आधारित है; पूरी शूटिंग पंजाब में रात के दौरान हुई।
अपूर्वा ने बताया कि शुरुआती दिनों में नाइट शेड्यूल के अनुसार बॉडी क्लॉक एडजस्ट करना चुनौतीपूर्ण था।
थिएटर के अनुभव को उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में काम करने की असली पाठशाला बताया।
अभिनेत्री ने ग्लैमर पर ध्यान देने की बजाय ईमानदार अभिनय को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

अभिनेत्री अपूर्वा अरोड़ा अपनी आगामी फिल्म 'मोमाकु' की रिलीज को लेकर उत्साहित हैं। हरियाणवी पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म 4 जून को केबल वन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर विशेष रूप से स्ट्रीम होगी। फिल्म की कहानी हरियाणा के एक ग्रामीण इलाके में एक सर्द रात को घटी अजीबोगरीब घटना के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

नाइट शूटिंग की चुनौती

फिल्म की पूरी शूटिंग रात में की गई, जिसके चलते पूरी टीम को अपनी दिनचर्या पलटनी पड़ी। अपूर्वा ने बताया, 'पूरी फिल्म की शूटिंग नाइट में ही होनी थी और मुझे नाइट शेड्यूल के हिसाब से ढलना था। शुरुआती कुछ दिनों तक हमारी बॉडी क्लॉक को एडजस्ट करना मुश्किल था, लेकिन बाद में अपने आप ही उस रिदम में आ गए। हम पूरी रात शूट करते थे और दिन में सोते थे।' यह शूटिंग पंजाब में हुई, जिसने इस अनुभव को अभिनेत्री के लिए और भी यादगार बना दिया।

पंजाब का माहौल बना राहत का ज़रिया

अपूर्वा ने पंजाब में शूटिंग के अनुभव को विशेष बताया। उनके शब्दों में, 'सच कहूं तो पंजाब में होने की वजह से चीजें और भी मजेदार हो गई थीं। वहाँ का खाना, माहौल और लोगों के साथ ने सारे अनुभवों को यादगार बना दिया।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब काम से प्यार हो और आसपास समर्पित लोग हों, तो तनाव अपने आप दूर हो जाता है।

थिएटर की पाठशाला

अपने शुरुआती करियर को याद करते हुए अपूर्वा ने बताया कि थिएटर ने उन्हें जमीनी स्तर पर काम करने की असली तालीम दी। उन्होंने कहा, 'मैंने करियर की शुरुआत में थिएटर किया है। वहाँ बहुत मुश्किल हालात में काम करना सीखते हैं। आप चीजों को खुद ही मैनेज करते हैं, दर्शकों को खुद ही इकट्ठा करते हैं और जमीनी स्तर से पूरे प्रोसेस से गहराई से जुड़े रहते हैं।' यह अनुभव आज भी उनके अभिनय की नींव है।

ग्लैमर से परे ईमानदार अभिनय पर जोर

आज के तेज-रफ्तार शूटिंग कल्चर और क्विक टेक्स पर बढ़ती निर्भरता पर अपूर्वा ने बेबाकी से कहा, 'आजकल बहुत से लोगों के लिए एक्टिंग सिर्फ ऊपरी दिखावा बनकर रह गई है। लोग ग्लैमर और कैमरे पर अच्छा दिखने के चक्कर में अपने काम को ईमानदारी से करने पर ध्यान नहीं देते, लेकिन मुझे लगता है कि एक एक्टर के तौर पर अगर आप अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हैं, तो बाकी चीजें मायने नहीं रखतीं।' उन्होंने बाकी विभागों की भी सराहना की, जिनके समर्पण ने फिल्म को और निखारा।

गौरतलब है कि यह फिल्म हरियाणवी सांस्कृतिक परिवेश को केंद्र में रखकर बनाई गई है, जो ओटीटी पर क्षेत्रीय कहानियों की बढ़ती माँग को भी दर्शाती है। 'मोमाकु' की रिलीज 4 जून को केबल वन ओटीटी पर होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ओटीटी के उस ट्रेंड पर सीधा निशाना है जहाँ 'रील-रेडी लुक' को अभिनय-कौशल से ऊपर रखा जाने लगा है। हरियाणवी और पंजाबी परिवेश पर केंद्रित क्षेत्रीय कहानियों की ओटीटी पर बढ़ती माँग के बीच 'मोमाकु' जैसी फिल्में यह भी बताती हैं कि दर्शक अब मेट्रो-केंद्रित कथाओं से परे जाना चाहते हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिल्म 'मोमाकु' कब और कहाँ रिलीज होगी?
'मोमाकु' 4 जून को केबल वन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर विशेष रूप से रिलीज होगी। यह हरियाणवी पृष्ठभूमि पर आधारित एक ग्रामीण रात्रि-कथा है।
'मोमाकु' की कहानी किस पर आधारित है?
फिल्म की कहानी हरियाणा के ग्रामीण परिवेश में एक सर्द रात को घटी एक अजीबोगरीब घटना पर केंद्रित है। इसी वजह से फिल्म की पूरी शूटिंग रात के दौरान की गई।
अपूर्वा अरोड़ा के लिए नाइट शूटिंग कितनी मुश्किल रही?
अपूर्वा के अनुसार शुरुआती कुछ दिनों में बॉडी क्लॉक को नाइट शेड्यूल के अनुसार ढालना कठिन था। हालाँकि बाद में पूरी टीम उस लय में आ गई और रात को शूट कर दिन में आराम करती थी।
अपूर्वा अरोड़ा ने थिएटर के बारे में क्या कहा?
अपूर्वा ने बताया कि थिएटर ने उन्हें मुश्किल हालात में काम करना, खुद सब कुछ मैनेज करना और जमीनी स्तर से पूरे प्रोसेस से जुड़ना सिखाया। यह अनुभव उनके अभिनय की बुनियाद है।
अपूर्वा अरोड़ा का आज के शूटिंग कल्चर पर क्या नजरिया है?
अपूर्वा का मानना है कि आजकल कई कलाकार ग्लैमर और कैमरे पर अच्छा दिखने को प्राथमिकता देते हैं, जबकि ईमानदार अभिनय पीछे रह जाता है। उनके अनुसार काम की ईमानदारी ही एक अभिनेता की असली पहचान है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले