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क्या बंगाल में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, हिंसा कर एसआईआर बंद कराना चाहती है सरकार?

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क्या बंगाल में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, हिंसा कर एसआईआर बंद कराना चाहती है सरकार?

सारांश

बंगाल में हालिया घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेता ममता बनर्जी के खिलाफ तीखे आरोप लगा रहे हैं, जबकि हिंसा और सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। क्या यह सब एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है? जानिए इस मुद्दे की गहराई।

मुख्य बातें

बंगाल में कानून व्यवस्था संकट में है।
राजनीतिक साजिशों के आरोप सामने आ रहे हैं।
सांप्रदायिक हिंसा की आशंका जताई जा रही है।
बेलडांगा की घटना ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है।
मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

कोलकाता, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे से पहले बेलडांगा में हुई घटना और महाकाल मंदिर के मुद्दे पर भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी, निशिथ प्रमाणिक और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के सचेतक शंकर घोष ने ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखा हमला किया है।

लॉकेट चटर्जी ने बेलडांगा में हुई घटना पर राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि प्रवासी मजदूरों का कोई मुद्दा नहीं है। इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति संकट में है। बेलडांगा एक खतरनाक इलाका है। इसके पास ही मुर्शिदाबाद में घर में घुसकर लूट हुई थी और महिलाओं के साथ अत्याचार किया गया था।

उन्होंने कहा कि एसआईआर को मुद्दा बनाकर ये लोग सांप्रदायिक हिंसा करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर ममता बनर्जी चाहें, तो इसे रोक सकती हैं, लेकिन वोट एकत्र करने के लिए ये सब कर रही हैं। सरकार की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कितने मरीज हैं और कितने यात्रा करने वाले लोग फंसे हुए हैं। तीन घंटे से अधिक समय तक सड़क रोकी गई है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

लॉकेट चटर्जी ने कहा कि ये लोग एसआईआर बंद करना चाहते हैं। ये लोग जबरन इस तरह का विवाद खड़ा करना चाहते हैं, जिससे एसआईआर बंद हो जाए। अगर एसआईआर नहीं होगा, तो फर्जी वोटरों के नाम नहीं कटेंगे और वे फिर से वोट करेंगे। इसे लेकर साजिश चल रही है।

निशिथ प्रमाणिक ने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। मुर्शिदाबाद में जब मस्जिद की नींव रखी गई, तो ममता बनर्जी को लगा कि उन्हें हिंदू वोटों की भी जरूरत है। इसके बाद वह कभी मंदिर का शिलान्यास कर रही हैं, तो कभी उद्घाटन कर रही हैं। इससे वह अपने पाप तो धो सकती हैं, लेकिन सरकार फिर से नहीं बना पाएंगी।

बेलडांगा में हुई हिंसा पर उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। ट्रेन पर पथराव हुआ है। कुछ ही दूरी पर पुलिस थाना था, लेकिन इसे रोका नहीं गया। इससे साफ है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

विपक्ष के सचेतक शंकर घोष ने कहा कि मंदिर या मस्जिद की राजनीति की शुरुआत ममता बनर्जी ने खुद की थी। वह मुस्लिम भाइयों से कहती थीं कि भाजपा से बचने के लिए टीएमसी को वोट दें, हालांकि हम उनकी इस राजनीति को खत्म करने वाले हैं। पश्चिम बंगाल में जिस तरह टीएमसी की विभाजन की राजनीति चल रही है, वह इस साल खत्म हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि 2026 का चुनाव आ रहा है। दो-तीन महीने पहले इसका शिलान्यास किया गया था। इसका निर्माण कार्य जल्दी पूरा नहीं हो सकता है। सरकारी खर्च से नहीं, बल्कि हम लोगों से चंदा लेकर इस मंदिर का निर्माण पूरा करवाएंगे।

बेलडांगा हिंसा पर उन्होंने कहा कि जहां भी जनसांख्यिकीय बदलाव हुए हैं, वहां इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। यहां कानून-व्यवस्था है या नहीं, लोगों को पता ही नहीं है। क्या अल्पसंख्यकों के वोट के लिए इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है? यह देखने वाली बात है।

-राष्ट्र प्रेस

एएमटी/वीसी

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था के मुद्दे ने राजनीतिक मैदान को गरमा दिया है। सभी पक्षों को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल में कानून व्यवस्था का क्या हाल है?
बंगाल में कानून व्यवस्था गंभीर संकट में है, हालिया घटनाओं ने इसे और भी उजागर किया है।
भाजपा नेता ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगा रहे हैं?
भाजपा नेता ममता बनर्जी पर सांप्रदायिक हिंसा के आरोप लगा रहे हैं और इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा मानते हैं।
बेलडांगा की घटना का क्या प्रभाव होगा?
बेलडांगा की घटना से राज्य में राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है, जिससे चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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