राजौरी-पुंछ रेंज में डीआईजी संदीप वजीर की उच्चस्तरीय बैठक, साइबर अपराध और आतंकवाद-रोधी रणनीति की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के राजौरी-पुंछ रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक संदीप वजीर ने 21 मई 2026 को जिला पुलिस कार्यालय, पुंछ में एक व्यापक उच्चस्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता की, जिसमें क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, साइबर अपराध की जाँच और आधुनिक पुलिसिंग तकनीकों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियाँ उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी परिचालन तैयारी को और पुख्ता करने में जुटी हैं।
सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुए
इस डीजीपी-आईजीपी स्तरीय सम्मेलन में पुंछ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शफकत हुसैन, अतिरिक्त एसपी (ऑपरेशंस), समस्त पर्यवेक्षी अधिकारी, स्टेशन हाउस अधिकारी और जिलेभर के अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पावरपॉइंट प्रस्तुतियों के माध्यम से समकालीन पुलिसिंग चुनौतियों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर विस्तृत व्याख्यान दिए।
मुख्य घटनाक्रम और चर्चा के विषय
सम्मेलन में अपराध की रोकथाम, आतंकवाद-रोधी रणनीतियाँ, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण, साइबर अपराध की जाँच और सामुदायिक पुलिसिंग को प्रमुखता से उठाया गया। इसके साथ ही जन शिकायतों के त्वरित निवारण तंत्र और गुणवत्तापूर्ण जाँच मानकों को बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। गौरतलब है कि यह बैठक राज्य में चल रहे नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिहाज से भी अहम रही।
नशा-विरोधी अभियान की समीक्षा
नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समन्वित प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने माना कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण राजौरी-पुंछ में नशे की तस्करी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, और इससे निपटने के लिए बहु-एजेंसी समन्वय अनिवार्य है।
डीआईजी के निर्देश
डीआईजी संदीप वजीर ने अधिकारियों को व्यावसायिकता, अनुशासन और परिचालन तत्परता के उच्चतम मानक बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग में प्रभावी पर्यवेक्षण, जन शिकायतों का समयबद्ध निपटान और प्रौद्योगिकी का इष्टतम उपयोग — ये तीनों मिलकर जनता का विश्वास अर्जित करने की आधारशिला हैं। उन्होंने साइबर-संबंधी अपराधों और उभरती सुरक्षा चुनौतियों के प्रति सतर्क और सक्रिय रुख अपनाने पर भी जोर दिया।
आगे की राह
सम्मेलन का समापन जमीनी स्तर की पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, खुफिया समन्वय बढ़ाने और एक जवाबदेह पुलिसिंग तंत्र सुनिश्चित करने पर व्यापक सहमति के साथ हुआ। विभिन्न पुलिस इकाइयों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को जिले की समग्र सुरक्षा ग्रिड मजबूत करने की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम माना गया।