अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR पर मंत्री दिलीप घोष बोले — 'पुलिस तैयार है, न्याय होकर रहेगा'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बिधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 16 मई 2026 को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जहाँ पहले डर के कारण लोग शिकायतें दर्ज नहीं करा पाते थे, वहीं अब जनता और पुलिस दोनों न्याय के लिए तैयार हैं।
एफआईआर का आधार क्या है
अभिषेक बनर्जी पर आरोप है कि उन्होंने चुनावों से पूर्व भड़काऊ बयान दिए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। यह मामला बिधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद कई पुराने मामलों की फाइलें फिर से खोली जा रही हैं।
मंत्री दिलीप घोष की प्रतिक्रिया
मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'जिन लोगों ने भी अत्याचार व दुराचार किया है और दूसरों के साथ दुर्व्यवहार किया है, उनमें अभिषेक बनर्जी, ममता बनर्जी और उनके नेता भी शामिल हैं। पहले डर के कारण लोग शिकायतें दर्ज नहीं कराते थे और पुलिस भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती थी। अब पुलिस तैयार है, जनता तैयार है और न्याय जरूर होगा। हर किसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'
आरजी कर मामले पर मंत्री का बयान
आरजी कर मामले में तीन अधिकारियों के निलंबन पर घोष ने कहा कि यह घटना दुखद थी और पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद इस मामले की फाइल फिर से खोली जाएगी और दोबारा जाँच की जाएगी। यह कार्रवाई उसी प्रक्रिया के तहत है।' घोष ने यह भी जोड़ा कि मुख्यमंत्री ने भी यह वादा किया था और वे उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि पीड़िता की माँ ने ममता बनर्जी को इस मामले में जिम्मेदार ठहराया है। इस पर घोष ने कहा, 'घटना में चाहे कोई भी शामिल रहा हो, जाँच के बाद सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा। पहले सुनवाई के समय जज का घेराव किया जाता था और नारेबाजी होती थी। अब समय बदल चुका है और ममता बनर्जी को भी काला कोट पहनकर अदालत में जाना पड़ रहा है।'
फाल्टा उपचुनाव पर रुख
फाल्टा उपचुनाव को लेकर मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में कानून का राज है, जो फाल्टा में भी लागू रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव का फैसला जनता करेगी और कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं होगा।
आगे क्या होगा
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की आगे की कार्रवाई अब बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस के हाथों में है। आरजी कर मामले में भी जाँच की दिशा तय होनी बाकी है। राजनीतिक जानकार इसे पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में देख रहे हैं।