बंगाल सरकार में एसआईआर से उत्पन्न डर, केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने टीएमसी पर साधा निशाना

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बंगाल सरकार में एसआईआर से उत्पन्न डर, केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने टीएमसी पर साधा निशाना

सारांश

कोलकाता में एसआईआर विवाद के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर और भाजपा नेता दिलीप घोष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है और बंगाल में क्या हो रहा है।

Key Takeaways

  • एसआईआर विवाद ने बंगाल की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है।
  • केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर और भाजपा नेता दिलीप घोष ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
  • चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
  • बंगाल में एक परिवर्तन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

कोलकाता, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर और भाजपा नेता दिलीप घोष का बयान सामने आया है।

केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने प्रश्न उठाया कि क्या चुनाव आयोग जानबूझकर असली वोट काटने का कार्य करेगा? उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में जिनका नाम दो बार दर्ज है या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम को वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल के बीच एसआईआर को लेकर एक स्पष्ट भय उत्पन्न हो गया है। वे इस मुद्दे से इतने प्रभावित हैं कि जागते या सोते समय भी उन्हें इसमें केवल नकारात्मकता ही नजर आ रही है। यही कारण है कि वे एसआईआर के बारे में भयभीत होकर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे मुख्यमंत्री हों, सांसद हों या विधायक, सब डरे हुए हैं।

भाजपा नेता दिलीप घोष ने एसआईआर विवाद को लेकर टिप्पणी की कि पूरे देश में एसआईआर लागू हो गया है, लेकिन बंगाल की सरकार इसे लागू नहीं होने दे रही है। उन्होंने कहा कि कोर्ट भी इनकी मंशा को समझ चुका है। चुनाव आयोग भी इस स्थिति पर नजर रख रहा है। इसलिए समय पर लिस्ट की घोषणा करना एक बड़ा चुनौती है।

दिलीप घोष ने बताया कि यहां एक परिवर्तन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हमारे सभी वरिष्ठ नेता भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि अमित शाह, राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे बड़े नेता इसका उद्घाटन करेंगे। यह यात्रा छह से सात दिन चलेगी, जिसमें सभी लोग जनसभा में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल को अस्त-व्यस्त करने की योजना चल रही है। यहां बच्चों का अपहरण किया जा रहा है, और हर जगह बम का डर दिखाया जा रहा है। लोगों को डराकर चुनाव कराने की साजिश चल रही है। राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी है कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

Point of View

NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

एसआईआर क्या है?
एसआईआर का अर्थ 'सामान्य पहचान रजिस्टर' है, जो चुनावी प्रक्रिया में मतदाता की पहचान सुनिश्चित करता है।
शांतनु ठाकुर ने क्या कहा?
उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वह जानबूझकर असली वोट काटने का कार्य करेगा।
दिलीप घोष का बयान क्या था?
उन्होंने कहा कि पूरे देश में एसआईआर लागू हो गया है, लेकिन बंगाल की सरकार इसे लागू नहीं होने दे रही।
यह विवाद क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विवाद बंगाल की राजनीति में गहराई से असर डाल सकता है और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा सकता है।
राज्य सरकार की क्या जिम्मेदारी है?
राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए।
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