अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के संकल्प पत्र की तुलना चिट फंड के वादों से की, कहा- झूठे वादों का सहारा

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अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के संकल्प पत्र की तुलना चिट फंड के वादों से की, कहा- झूठे वादों का सहारा

सारांश

कोलकाता में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा द्वारा जारी किए गए चुनावी घोषणा पत्र की आलोचना की। उन्होंने इसे चिट फंड के वादों से जोड़ा और आरोप लगाया कि भाजपा के वादों में कोई सच्चाई नहीं है। जानिए उन्होंने और क्या कहा।

Key Takeaways

  • भाजपा का चुनावी वादा चिट फंड जैसे हैं।
  • बेरोजगारी भत्ता एक झूठा वादा है।
  • भाजपा ने पहले भी कई वादे भुलाए हैं।
  • पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं किया गया।
  • स्वास्थ्य साथी योजना में कोई शर्त नहीं है।

कोलकाता, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए अपना संकल्प पत्र (चुनावी घोषणा पत्र) पेश किया। इस पर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इसे चिट फंड या पोंजी स्कीम के द्वारा दिए जाने वाले अत्यधिक लाभदायक वादों से जोड़ा।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "भाजपा के वादे चिट फंड की तरह हैं। इन वादों की कोई वास्तविकता नहीं है। भाजपा के घोषणा पत्र में यह वादा है कि वे बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये का भत्ता देंगे, जो एक और झूठ है। पहले भाजपा ने विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से पश्चिम बंगाल पर नियंत्रण करने का प्रयास किया। जब वे इसमें सफल नहीं हो पाए, तो अब वे महिलाओं और युवाओं को आर्थिक सहायता के झूठे वादों से लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा संघीय लोकतांत्रिक प्रणाली में विश्वास नहीं रखती।

इस अवसर पर, उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल में गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर भी हमला बोला।

अभिषेक ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को घोषणा पत्र जारी करने से पहले पश्चिम बंगाल के लोगों से उस उत्पीड़न के लिए माफी मांगनी चाहिए जो उन्हें इस दौरान सहन करना पड़ा।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के व्यवहार के कारण भाजपा अगले 20 वर्षों तक विपक्ष में ही रहेगी।

उन्होंने कहा, "भाजपा ने पहले भी कई चुनावी वादों को भुला दिया है। उन्होंने काले धन को वापस लाने का वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। जीएसटी को बिना योजना के लागू करने से देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अब वे लोगों के मूल अधिकारों को छीनने में लगे हैं।"

उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को लागू क्यों नहीं किया? हमने इसका विरोध किया क्योंकि यदि हम इसे लागू करते तो लगभग 90 प्रतिशत लोगों को बीमा लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए हमने अपनी खुद की ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना लागू की, जिसमें कोई शर्त नहीं है। कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि अभिषेक बनर्जी का यह बयान भाजपा की चुनावी रणनीति पर गंभीर सवाल उठाता है। उनके आरोपों में दम है कि भाजपा के वादे असत्य हैं और इससे जनता की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र पर क्या टिप्पणी की?
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र की तुलना चिट फंड के वादों से की और इसे झूठा बताया।
अभिषेक बनर्जी का आरोप क्या है?
उन्होंने कहा कि भाजपा के वादों का कोई मूल्य नहीं है और यह केवल लोगों को लुभाने के लिए है।
क्या अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के अन्य वादों पर भी टिप्पणी की?
हाँ, उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले भी कई वादों को भुला दिया है।
क्या अभिषेक ने किसी योजना की चर्चा की?
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का विरोध करते हुए अपनी ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना का जिक्र किया।
भाजपा के वादों का क्या प्रभाव पड़ेगा?
अभिषेक ने कहा कि अगर भाजपा इसी तरह से चलती रही, तो वह अगले 20 वर्षों तक विपक्ष में रहेगी।
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