29 जून 2026
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अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दूसरी बार त्वरित सुनवाई से किया इनकार

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अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दूसरी बार त्वरित सुनवाई से किया इनकार

सारांश

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की आँखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा अनुमति याचिका पर त्वरित सुनवाई से दूसरी बार इनकार किया। अभिषेक पर हस्ताक्षर मिलान मामले में CID जाँच चल रही है और अदालत ने विदेश यात्रा पर रोक की शर्त के साथ अंतरिम सुरक्षा दी हुई है।

मुख्य बातें

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 29 जून 2026 को अभिषेक बनर्जी की याचिका पर त्वरित सुनवाई से दूसरी बार इनकार किया।
याचिका में आँखों के इलाज के लिए सात दिनों की विदेश यात्रा की अनुमति माँगी गई थी।
न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की पीठ ने अभिषेक को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी है, लेकिन न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना विदेश यात्रा पर रोक की शर्त लगाई है।
पश्चिम बंगाल CID ने हस्ताक्षर मिलान मामले में अभिषेक से दो बार पूछताछ की है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की एकल पीठ में निर्धारित समय-सारणी के अनुसार होगी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को 29 जून 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय से एक और झटका लगा, जब न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की एकल पीठ ने उनकी आँखों के इलाज हेतु विदेश यात्रा की अनुमति संबंधी याचिका पर त्वरित सुनवाई की माँग को दूसरी बार अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही होगी।

याचिका की पृष्ठभूमि

23 जून 2026 को अभिषेक बनर्जी ने न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की एकल पीठ में याचिका दायर कर सात दिनों की विदेश यात्रा की अनुमति माँगी थी — उद्देश्य आँखों का चिकित्सीय उपचार। याचिका के साथ मामले की शीघ्र सुनवाई की भी अपील की गई थी। 24 जून को पीठ ने पहली बार त्वरित सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था कि ऐसा करने का कोई पर्याप्त कारण नहीं है।

29 जून को अभिषेक के वकील ने पुनः उसी पीठ के समक्ष त्वरित सुनवाई की अर्जी दी, किंतु न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने इसे फिर खारिज कर दिया।

न्यायालय की अंतरिम सुरक्षा और शर्तें

यह मामला हस्ताक्षर मिलान विवाद से जुड़ा है, जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी पदों पर नियुक्तियों से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर TMC के कुछ विधायकों के हस्ताक्षर जाली होने के आरोप लगे हैं। इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जाँच विभाग (CID) ने कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक अन्य एकल पीठ के आदेश के बाद अभिषेक से दो बार पूछताछ की।

इसके बाद न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की एकल पीठ ने अभिषेक को गिरफ्तारी सहित पुलिस की जबरदस्ती कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की। हालाँकि, इस सुरक्षा के साथ एक प्रमुख शर्त यह लगाई गई कि वे न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकते। इसी शर्त के कारण उन्हें याचिका दायर करनी पड़ी।

आँखों की चोट का इतिहास

अक्टूबर 2016 में अभिषेक बनर्जी मुर्शिदाबाद जिले में एक पार्टी कार्यक्रम से कोलकाता लौटते समय एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उस हादसे में उनकी आँख में गंभीर चोटें आई थीं। उन्होंने देश के कई अस्पतालों में उपचार कराया और बाद में विदेश में भी इलाज करवाया था।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और TMC के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल पर कई कानूनी और प्रशासनिक मोर्चों पर दबाव बना हुआ है। न्यायालय की अगली निर्धारित सुनवाई में याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यही इसे राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बनाती है। हस्ताक्षर मिलान मामले में CID की दोहरी पूछताछ और अंतरिम सुरक्षा की शर्तें मिलकर एक ऐसी कानूनी जटिलता बनाती हैं जिसे सत्तारूढ़ TMC आसानी से नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर याचिका के खारिज होने पर केंद्रित रहती है, लेकिन असली सवाल यह है कि हस्ताक्षर जाँच कहाँ तक पहुँचती है और क्या अंतरिम सुरक्षा टिकाऊ साबित होगी।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर की?
अभिषेक बनर्जी ने आँखों के इलाज के लिए सात दिनों की विदेश यात्रा की अनुमति माँगने हेतु याचिका दायर की। न्यायालय ने उन्हें हस्ताक्षर मिलान मामले में अंतरिम सुरक्षा देते समय बिना अनुमति विदेश यात्रा पर रोक लगाई थी, इसलिए उन्हें कोर्ट से अनुमति लेनी आवश्यक थी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने त्वरित सुनवाई से इनकार क्यों किया?
न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि त्वरित सुनवाई देने का कोई पर्याप्त कारण नहीं है और मामले की सुनवाई निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही होगी। यह इनकार 24 जून के बाद 29 जून को दूसरी बार दोहराया गया।
हस्ताक्षर मिलान मामला क्या है जिसमें अभिषेक बनर्जी की जाँच हो रही है?
इस मामले में आरोप है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी पदों पर नियुक्तियों से जुड़े एक प्रस्ताव पर TMC के कुछ विधायकों के हस्ताक्षर जाली थे। पश्चिम बंगाल CID ने इस सिलसिले में अभिषेक से दो बार पूछताछ की है।
अभिषेक बनर्जी को न्यायालय से क्या अंतरिम सुरक्षा मिली है?
न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की एकल पीठ ने अभिषेक को गिरफ्तारी सहित पुलिस की जबरदस्ती कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी है। इस सुरक्षा के साथ शर्त है कि वे न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकते।
अभिषेक बनर्जी की आँखों की चोट कब और कैसे हुई थी?
अक्टूबर 2016 में अभिषेक बनर्जी मुर्शिदाबाद जिले में एक पार्टी कार्यक्रम से कोलकाता लौटते समय सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे, जिसमें उनकी आँख में गंभीर चोटें आई थीं। उन्होंने देश और विदेश दोनों जगह उपचार कराया था।
राष्ट्र प्रेस
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