कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा की दी अनुमति, आँखों के इलाज के लिए हटी पाबंदी
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 23 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को आँखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति प्रदान कर दी। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने यह राहत उस याचिका पर सुनवाई के बाद दी, जिसमें बनर्जी ने लगभग एक सप्ताह की विदेश यात्रा की अनुमति माँगी थी। इस मामले में आगे की सुनवाई इसी सप्ताह होने की संभावना है।
मामले की पृष्ठभूमि
मौजूदा प्रकरण बिधाननगर में चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर दिए गए भड़काऊ बयान से जुड़ा है। इसी मामले में न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने पहले अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा पर पाबंदी लगाई थी। अब उन्होंने इसी प्रतिबंध में राहत की माँग करते हुए अदालत का रुख किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
अदालत में क्या दलीलें दी गईं
TMC सांसद की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि आँखों के उपचार के लिए विदेश यात्रा चिकित्सीय रूप से आवश्यक है और इसके लिए सीमित अवधि की अनुमति माँगी गई। अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए याचिका को स्वीकार करते हुए यात्रा की अनुमति दे दी।
पहले भी मिल चुकी है ऐसी राहत
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अभिषेक बनर्जी को इस तरह की अदालती राहत मिली हो। इससे पहले भी वे आँखों के इलाज के लिए विदेश जा चुके हैं। उस समय न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की अदालत ने कोयला तस्करी मामले से जुड़े एक प्रकरण में उन्हें अमेरिका जाने की अनुमति दी थी।
राजनीतिक संदर्भ
अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और TMC के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। विभिन्न कानूनी मामलों और राजनीतिक विवादों के बीच उनकी यह विदेश यात्रा अनुमति राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
आगे क्या होगा
कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी के विदेश जाने का रास्ता साफ हो गया है। हालाँकि, बिधाननगर कथित भड़काऊ बयान मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और अदालत में आगामी सुनवाई होनी है।