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अभिषेक बनर्जी की विदेश इलाज याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में आज सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 7 दिन की समयसीमा

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अभिषेक बनर्जी की विदेश इलाज याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में आज सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 7 दिन की समयसीमा

सारांश

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की आँख इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति का मामला एक बार फिर कलकत्ता हाईकोर्ट में है — इस बार सर्वोच्च न्यायालय के सात दिन में फैसले के निर्देश के साथ। हाईकोर्ट पहले याचिका खारिज कर चुका है; अब एसएसकेएम की मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक होगी।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य 5 अगस्त को सुबह 11 बजे TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका पर सुनवाई करेंगे।
सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने पिछले सप्ताह इस मामले को वापस हाईकोर्ट भेजा और 7 दिनों में फैसले का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट ने पहले 20 जुलाई को याचिका खारिज कर एसएसकेएम अस्पताल के विशेषज्ञों से परामर्श लेने को कहा था।
अभिषेक बनर्जी को कथित हेट स्पीच मामले में अक्टूबर तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली हुई है।
आँख की चोट अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद में हुई सड़क दुर्घटना में आई थी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की आँखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति संबंधी याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ बुधवार, 5 अगस्त को सुनवाई करेगी। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने यह सुनवाई सुबह 11 बजे निर्धारित की है, जो सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्देश के अनुरूप है जिसमें सात दिनों के भीतर फैसला सुनाने को कहा गया था।

मामले का पृष्ठभूमि

अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद जिले में एक पार्टी कार्यक्रम से कोलकाता लौटते समय अभिषेक बनर्जी एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे, जिसमें उनकी आँख को गंभीर चोट आई थी। प्रारंभ में उन्होंने देश के कई अस्पतालों में उपचार कराया और बाद में बेहतर चिकित्सा के लिए विदेश भी गए। अब वे पुनः विदेश में इलाज की अनुमति के लिए न्यायालय का दरवाज़ा खटखटा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पिछले महीने 20 जुलाई को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा की अनुमति संबंधी याचिका खारिज कर दी थी और उन्हें पहले कोलकाता स्थित सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञों से परामर्श लेने का निर्देश दिया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि एसएसकेएम की मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।

इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया। पिछले सप्ताह भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वेंकटा सुब्रमणि मोहन की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले को वापस कलकत्ता हाईकोर्ट को सौंप दिया और सात दिनों में निर्णय लेने का निर्देश दिया।

हेट स्पीच मामले में अंतरिम राहत

गौरतलब है कि 20 जुलाई को हुई उसी सुनवाई में न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी को एक कथित हेट स्पीच मामले में अक्टूबर तक गिरफ्तारी सहित किसी भी कठोर पुलिस कार्रवाई से अंतरिम राहत भी प्रदान की थी। इस मामले में उन पर हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पूर्व एक चुनावी रैली में हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकी देने के आरोप हैं।

न्यायालय ने साथ ही अभिषेक बनर्जी को जाँच में राज्य की आपराधिक जाँच विभाग (सीआईडी) का सहयोग करने का निर्देश दिया और सीआईडी को भी मामले की जाँच शीघ्र पूरी करने को कहा।

आगे क्या होगा

बुधवार की सुनवाई में न्यायमूर्ति भट्टाचार्य एसएसकेएम अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद विदेश यात्रा अनुमति पर अपना निर्णय सुनाएंगे। सर्वोच्च न्यायालय की सात दिन की समयसीमा को देखते हुए यह सुनवाई निर्णायक मानी जा रही है। यह मामला न केवल चिकित्सा अनुमति का प्रश्न है, बल्कि एक सक्रिय आपराधिक जाँच के बीच किसी सांसद की यात्रा स्वतंत्रता और न्यायिक निगरानी के दायरे को भी रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें अधिक जटिल हैं — एक सक्रिय हेट स्पीच जाँच के बीच एक सांसद की यात्रा स्वतंत्रता, और न्यायपालिका की उस भूमिका पर सवाल जो उसे कार्यपालिका की जाँच एजेंसियों के समानांतर निभानी पड़ रही है। सर्वोच्च न्यायालय का मामला वापस भेजना और सात दिन की समयसीमा तय करना दर्शाता है कि शीर्ष अदालत इस मामले को लंबित नहीं रखना चाहती। असली प्रश्न यह है कि एसएसकेएम की रिपोर्ट क्या कहती है — यदि विशेषज्ञ विदेशी उपचार की आवश्यकता की पुष्टि करते हैं, तो अनुमति देने से इनकार करना कठिन होगा; और यदि नहीं, तो याचिका की राजनीतिक पृष्ठभूमि और अधिक उजागर होगी।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका क्या है?
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी ने आँखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति माँगते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनकी आँख में अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद में हुई एक सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट आई थी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले याचिका क्यों खारिज की थी?
20 जुलाई की सुनवाई में न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने याचिका खारिज करते हुए अभिषेक बनर्जी को पहले कोलकाता के एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञों से परामर्श लेने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि एसएसकेएम की रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया?
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने पिछले सप्ताह मामले को वापस कलकत्ता हाईकोर्ट भेज दिया और सात दिनों के भीतर फैसला सुनाने का निर्देश दिया। इसी के अनुरूप हाईकोर्ट ने 5 अगस्त को सुनवाई निर्धारित की है।
अभिषेक बनर्जी पर हेट स्पीच का क्या मामला है?
अभिषेक बनर्जी पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एक रैली में कथित तौर पर हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने के आरोप हैं। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने उन्हें इस मामले में अक्टूबर तक गिरफ्तारी सहित कठोर पुलिस कार्रवाई से अंतरिम राहत दी है।
5 अगस्त की सुनवाई में क्या निर्णय हो सकता है?
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य एसएसकेएम अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा के आधार पर विदेश यात्रा अनुमति पर अपना फैसला सुना सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट की सात दिन की समयसीमा को देखते हुए यह सुनवाई निर्णायक मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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