अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, 3 अगस्त को सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने 30 जुलाई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। उनकी स्पेशल लीव याचिका पर 3 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना है।
मामले की पृष्ठभूमि
बनर्जी ने सर्वप्रथम 23 जून को कलकत्ता उच्च न्यायालय में अर्जी दायर कर आंखों के उपचार हेतु सात दिन की विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी। उन्होंने न्यायालय को बताया कि अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद में एक राजनीतिक कार्यक्रम से कोलकाता लौटते समय सड़क दुर्घटना में उनकी आंखों में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद से वे लगभग एक दशक से अमेरिका में नेत्र-उपचार करा रहे हैं।
उच्च न्यायालय का आदेश
20 जुलाई को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ ने तत्काल विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पीठ ने निर्देश दिया कि बनर्जी पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड से परामर्श लें। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा पर अंतिम निर्णय उक्त मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। इसके साथ ही न्यायालय ने बनर्जी की अंतरिम सुरक्षा — जिसमें गिरफ्तारी से राहत भी शामिल है — 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी और जांच में सहयोग जारी रखने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार का विरोध
पश्चिम बंगाल सरकार ने बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका का विरोध किया। अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने तर्क दिया कि TMC नेता से जुड़े कई मामले अभी भी लंबित हैं और उन्हें विदेश जाने की अनुमति देने से जांच प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
व्यापक कानूनी संदर्भ
यह कार्यवाही उस मामले से भी जुड़ी है जिसमें बनर्जी पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर नफरत और हिंसा भड़काने वाले भाषण देने का आरोप है। इन भाषणों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति कथित धमकीपूर्ण टिप्पणियाँ भी शामिल बताई जाती हैं। गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पहले बनर्जी को सख्त पुलिस कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी, जिसमें एक शर्त यह थी कि विदेश यात्रा से पूर्व न्यायालय की अनुमति अनिवार्य होगी।
आगे क्या होगा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की स्पेशल लीव याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय 3 अगस्त को सुनवाई करेगा। यह सुनवाई तय करेगी कि क्या उन्हें उच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत तत्काल विदेश यात्रा की अनुमति मिल सकती है, या उन्हें एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया से गुजरना होगा।