30 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, 3 अगस्त को सुनवाई

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अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, 3 अगस्त को सुनवाई

सारांश

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति से कलकत्ता उच्च न्यायालय के इनकार को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। 2016 की सड़क दुर्घटना से जुड़ा यह मामला उनके खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाहियों से भी जुड़ा है। 3 अगस्त को सुनवाई होगी।

मुख्य बातें

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने 30 जुलाई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में स्पेशल लीव याचिका दायर की।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 20 जुलाई को आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की तत्काल अनुमति देने से इनकार किया था।
उच्च न्यायालय ने बनर्जी को पहले एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड से परामर्श लेने का निर्देश दिया।
बनर्जी की अंतरिम सुरक्षा (गिरफ्तारी से राहत) 6 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई।
पश्चिम बंगाल सरकार ने लंबित मामलों का हवाला देते हुए विदेश यात्रा का विरोध किया।
सर्वोच्च न्यायालय में 3 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने 30 जुलाई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। उनकी स्पेशल लीव याचिका पर 3 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना है।

मामले की पृष्ठभूमि

बनर्जी ने सर्वप्रथम 23 जून को कलकत्ता उच्च न्यायालय में अर्जी दायर कर आंखों के उपचार हेतु सात दिन की विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी। उन्होंने न्यायालय को बताया कि अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद में एक राजनीतिक कार्यक्रम से कोलकाता लौटते समय सड़क दुर्घटना में उनकी आंखों में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद से वे लगभग एक दशक से अमेरिका में नेत्र-उपचार करा रहे हैं।

उच्च न्यायालय का आदेश

20 जुलाई को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ ने तत्काल विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पीठ ने निर्देश दिया कि बनर्जी पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड से परामर्श लें। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा पर अंतिम निर्णय उक्त मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। इसके साथ ही न्यायालय ने बनर्जी की अंतरिम सुरक्षा — जिसमें गिरफ्तारी से राहत भी शामिल है — 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी और जांच में सहयोग जारी रखने का निर्देश दिया।

राज्य सरकार का विरोध

पश्चिम बंगाल सरकार ने बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका का विरोध किया। अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने तर्क दिया कि TMC नेता से जुड़े कई मामले अभी भी लंबित हैं और उन्हें विदेश जाने की अनुमति देने से जांच प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

व्यापक कानूनी संदर्भ

यह कार्यवाही उस मामले से भी जुड़ी है जिसमें बनर्जी पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर नफरत और हिंसा भड़काने वाले भाषण देने का आरोप है। इन भाषणों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति कथित धमकीपूर्ण टिप्पणियाँ भी शामिल बताई जाती हैं। गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पहले बनर्जी को सख्त पुलिस कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी, जिसमें एक शर्त यह थी कि विदेश यात्रा से पूर्व न्यायालय की अनुमति अनिवार्य होगी।

आगे क्या होगा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की स्पेशल लीव याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय 3 अगस्त को सुनवाई करेगा। यह सुनवाई तय करेगी कि क्या उन्हें उच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत तत्काल विदेश यात्रा की अनुमति मिल सकती है, या उन्हें एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या यह प्रक्रिया उस व्यक्ति के लिए व्यावहारिक है जो एक दशक से अमेरिका में विशेषज्ञ उपचार करा रहा है। दूसरी ओर, राज्य सरकार का विरोध — जो खुद उसी दल की सरकार है जिससे बनर्जी सांसद हैं — इस मामले की राजनीतिक जटिलता को और गहरा करता है। सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय न केवल बनर्जी के लिए, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करेगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका क्यों दायर की?
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में स्पेशल लीव याचिका दायर की, जिसमें उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की तत्काल अनुमति देने से इनकार किया गया था। उच्च न्यायालय ने उन्हें पहले एसएसकेएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से परामर्श लेने का निर्देश दिया था।
अभिषेक बनर्जी की आंखों की समस्या कब और कैसे हुई?
अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद में एक राजनीतिक कार्यक्रम से कोलकाता लौटते समय सड़क दुर्घटना में अभिषेक बनर्जी की आंखों में गंभीर चोटें आई थीं। तब से वे लगभग एक दशक से अमेरिका में नेत्र-विशेषज्ञों से उपचार करा रहे हैं।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने विदेश यात्रा की अनुमति क्यों नहीं दी?
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ ने 20 जुलाई को तत्काल अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा कि पहले एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट की समीक्षा होनी चाहिए। इसके अलावा, राज्य सरकार ने लंबित मामलों का हवाला देते हुए यात्रा का विरोध किया था।
पश्चिम बंगाल सरकार ने बनर्जी की याचिका का विरोध क्यों किया?
राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने तर्क दिया कि अभिषेक बनर्जी से जुड़े कई मामले अभी न्यायालय में लंबित हैं और विदेश यात्रा की अनुमति देने से जांच प्रक्रिया में बाधा आ सकती है।
अभिषेक बनर्जी के मामले में अब आगे क्या होगा?
सर्वोच्च न्यायालय में 3 अगस्त को उनकी स्पेशल लीव याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है। इस सुनवाई में तय होगा कि क्या उन्हें उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध तत्काल विदेश यात्रा की अनुमति मिल सकती है। साथ ही, उनकी अंतरिम सुरक्षा 6 अक्टूबर तक बढ़ाई जा चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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