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अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

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अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पहले एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट माँगी है। अभिषेक पर कथित घृणास्पद भाषण और अमित शाह को धमकाने के आरोप हैं; उन्हें अक्टूबर तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा मिली है।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने 20 जुलाई 2026 को TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका खारिज की।
अभिषेक बनर्जी के वकील ने बताया कि उनके मुवक्किल का पिछले दस वर्षों से अमेरिका में आंखों का इलाज चल रहा है।
अदालत ने एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग को मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया; रिपोर्ट के बाद अगला फैसला होगा।
अगली सुनवाई अगस्त में; अभिषेक बनर्जी को पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी से अक्टूबर तक अंतरिम सुरक्षा।
अभिषेक पर चुनावी रैली में हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने का कथित आरोप; CID को जाँच शीघ्र पूरी करने का निर्देश।

कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने 20 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति माँगी थी। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने यह फैसला हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से जुड़े कथित घृणास्पद भाषण मामले की सुनवाई के दौरान सुनाया।

अदालत में क्या हुआ

सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल का पिछले दस वर्षों से अमेरिका में आंखों का इलाज चल रहा है और उन्हें विदेशी विशेषज्ञों से परामर्श की आवश्यकता है। इस पर जस्टिस भट्टाचार्य ने पहले यह जानना चाहा कि क्या सांसद ने किसी स्थानीय नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लिया है।

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने विदेश यात्रा की अनुमति का कड़ा विरोध किया। मजूमदार ने तर्क दिया कि घृणास्पद भाषण सहित कई महत्वपूर्ण मामले अभी लंबित हैं और विदेश यात्रा से जाँच प्रक्रिया में गंभीर जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

अदालत का निर्देश: एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस भट्टाचार्य ने विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार करते हुए कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख को निर्देश दिया कि सांसद की जाँच के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा की अनुमति पर अगला निर्णय एसएसकेएम की मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही लिया जाएगा। इस मामले में अगली सुनवाई अगस्त में निर्धारित है।

अंतरिम सुरक्षा और जाँच निर्देश

उल्लेखनीय है कि जस्टिस भट्टाचार्य ने याचिका खारिज करने के साथ-साथ सांसद अभिषेक बनर्जी को घृणास्पद भाषण मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई — जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है — से अक्टूबर तक के लिए अंतरिम सुरक्षा प्रदान कर दी। अभिषेक बनर्जी पर आरोप है कि उन्होंने हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पूर्व एक चुनावी रैली में हिंसा भड़काने वाले बयान दिए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाई।

अदालत ने अभिषेक बनर्जी को जाँच में पुलिस का पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया। साथ ही आपराधिक जाँच विभाग (CID) को भी आदेश दिया गया कि वह मामले की जाँच यथाशीघ्र पूरी करे।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी TMC की दूसरी पंक्ति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं। उनके खिलाफ कई अन्य मामले भी न्यायालयों में विचाराधीन हैं। अदालत का यह निर्णय संकेत देता है कि न्यायपालिका लंबित आपराधिक मामलों में विदेश यात्रा की अनुमति देने के प्रति सतर्क रुख अपना रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल बना रहता है कि क्या एक सांसद, जिनका दस वर्षों से विदेश में विशेषज्ञ उपचार चल रहा हो, उन्हें केवल लंबित मामलों के आधार पर उस उपचार से वंचित करना न्यायसंगत है। दूसरी ओर, राज्य सरकार का विरोध और CID को जल्द जाँच का निर्देश यह भी दर्शाता है कि अदालत जाँच प्रक्रिया में किसी तरह की ढिलाई नहीं चाहती। अक्टूबर तक की अंतरिम सुरक्षा एक संतुलन की कोशिश है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और CID की जाँच किस दिशा में जाती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका क्यों खारिज की?
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने याचिका इसलिए खारिज की क्योंकि घृणास्पद भाषण सहित कई महत्वपूर्ण आपराधिक मामले अभी लंबित हैं और राज्य सरकार ने तर्क दिया कि विदेश यात्रा से जाँच प्रक्रिया जटिल हो सकती है। अदालत ने पहले एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट माँगी है।
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कौन-से मामले चल रहे हैं?
अभिषेक बनर्जी पर हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पूर्व एक चुनावी रैली में कथित तौर पर हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने का आरोप है। घृणास्पद भाषण का यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड क्या करेगा?
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख अभिषेक बनर्जी की आंखों की जाँच के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करेंगे। इस बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर अदालत विदेश यात्रा की अनुमति पर अगला निर्णय लेगी।
अभिषेक बनर्जी को गिरफ्तारी से कब तक सुरक्षा मिली है?
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी को घृणास्पद भाषण मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी से अक्टूबर 2026 तक के लिए अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। इस दौरान उन्हें जाँच में CID का सहयोग करना होगा।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
विदेश यात्रा की अनुमति के मामले में अगली सुनवाई अगस्त 2026 में निर्धारित है। तब तक एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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