अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने 20 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति माँगी थी। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने यह फैसला हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से जुड़े कथित घृणास्पद भाषण मामले की सुनवाई के दौरान सुनाया।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल का पिछले दस वर्षों से अमेरिका में आंखों का इलाज चल रहा है और उन्हें विदेशी विशेषज्ञों से परामर्श की आवश्यकता है। इस पर जस्टिस भट्टाचार्य ने पहले यह जानना चाहा कि क्या सांसद ने किसी स्थानीय नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लिया है।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने विदेश यात्रा की अनुमति का कड़ा विरोध किया। मजूमदार ने तर्क दिया कि घृणास्पद भाषण सहित कई महत्वपूर्ण मामले अभी लंबित हैं और विदेश यात्रा से जाँच प्रक्रिया में गंभीर जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
अदालत का निर्देश: एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस भट्टाचार्य ने विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार करते हुए कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख को निर्देश दिया कि सांसद की जाँच के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा की अनुमति पर अगला निर्णय एसएसकेएम की मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही लिया जाएगा। इस मामले में अगली सुनवाई अगस्त में निर्धारित है।
अंतरिम सुरक्षा और जाँच निर्देश
उल्लेखनीय है कि जस्टिस भट्टाचार्य ने याचिका खारिज करने के साथ-साथ सांसद अभिषेक बनर्जी को घृणास्पद भाषण मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई — जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है — से अक्टूबर तक के लिए अंतरिम सुरक्षा प्रदान कर दी। अभिषेक बनर्जी पर आरोप है कि उन्होंने हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पूर्व एक चुनावी रैली में हिंसा भड़काने वाले बयान दिए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाई।
अदालत ने अभिषेक बनर्जी को जाँच में पुलिस का पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया। साथ ही आपराधिक जाँच विभाग (CID) को भी आदेश दिया गया कि वह मामले की जाँच यथाशीघ्र पूरी करे।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी TMC की दूसरी पंक्ति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं। उनके खिलाफ कई अन्य मामले भी न्यायालयों में विचाराधीन हैं। अदालत का यह निर्णय संकेत देता है कि न्यायपालिका लंबित आपराधिक मामलों में विदेश यात्रा की अनुमति देने के प्रति सतर्क रुख अपना रही है।