7 अगस्त 2026
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अभिषेक बनर्जी ने दूसरी बार सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की मांग

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अभिषेक बनर्जी ने दूसरी बार सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की मांग

सारांश

TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति को लेकर दूसरी बार सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने से इनकार के बाद उनकी याचिका खारिज कर दी थी। सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने 7 अगस्त 2026 को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति माँगते हुए सर्वोच्च न्यायालय में दूसरी याचिका दायर की।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 5 अगस्त को उनकी याचिका खारिज की, क्योंकि वे एसएसकेएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने के लिए सहमत नहीं हुए।
पहले भी सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मामला वापस हाईकोर्ट भेजा था।
नई याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है।
बनर्जी डायमंड हार्बर से TMC के लोकसभा सांसद और पार्टी के महासचिव हैं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने 7 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में एक नई याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति माँगी है। यह दूसरा मौका है जब बनर्जी इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने पर विवश हुए हैं — इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

मामले का पूरा घटनाक्रम

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से पहले भी इनकार किया था। उस आदेश को बनर्जी ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वेंकिटा सुब्रमण्यम मोहन की तीन सदस्यीय पीठ ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए मामला वापस कलकत्ता हाईकोर्ट को भेज दिया था।

हाईकोर्ट में क्या हुआ

5 अगस्त को जस्टिस भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष मामला पुनः सुनवाई के लिए आया। हाईकोर्ट ने प्रस्ताव रखा कि अभिषेक बनर्जी की आंखों की स्थिति की जाँच एसएसकेएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से कराई जाए, ताकि यह निर्धारित हो सके कि उनका इलाज भारत में संभव है या नहीं। बोर्ड को 7 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी।

हालाँकि, बनर्जी के वकील ने मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया। इस पर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "आवेदक के वकील की दलील को देखते हुए कि वह कोर्ट के निर्देशानुसार मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं होंगे, कोर्ट का मानना है कि याचिका दायर करके उठाए गए मुद्दे को और अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। इसलिए, मौजूदा याचिका खारिज की जाती है।"

सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका

हाईकोर्ट के इस फैसले के तुरंत बाद अभिषेक बनर्जी ने सर्वोच्च न्यायालय में नई याचिका दायर की। यह इसी मसले पर उनकी दूसरी सुप्रीम कोर्ट याचिका है। फिलहाल मामले की सुनवाई के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है।

राजनीतिक और कानूनी संदर्भ

गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के भीतर दूसरे सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब TMC और केंद्रीय जाँच एजेंसियों के बीच कई मोर्चों पर कानूनी तनाव जारी है। विपक्षी दलों ने इस पूरे प्रकरण को अलग-अलग नज़रिए से देखा है — कुछ इसे व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मामला बता रहे हैं, तो कुछ इसे न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग का प्रयास।

सर्वोच्च न्यायालय अब इस याचिका पर कब और कैसे सुनवाई करता है, यह देखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक नेतृत्व की जवाबदेही का भी है। जब हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की जाँच का सुझाव दिया — जो एक तर्कसंगत और तटस्थ रास्ता था — तो उससे इनकार करना और सीधे सुप्रीम कोर्ट जाना, न्यायिक संसाधनों के उपयोग पर सवाल खड़े करता है। दूसरी ओर, यदि बनर्जी की स्वास्थ्य स्थिति वाकई गंभीर है, तो अदालतों का यह रवैया मानवीय दृष्टि से भी परखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का अगला कदम यह तय करेगा कि क्या राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में न्यायपालिका की स्वायत्तता बरकरार रहती है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका क्यों दायर की?
अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति माँगने हेतु सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनकी इसी माँग को 5 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया था।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की याचिका क्यों खारिज की?
हाईकोर्ट ने एसएसकेएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से जाँच कराने का सुझाव दिया था, लेकिन बनर्जी के वकील ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने याचिका को लंबित रखना उचित नहीं समझा और उसे खारिज कर दिया।
क्या यह पहली बार है जब अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है?
नहीं, यह दूसरी बार है। इससे पहले भी उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहाँ मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामला वापस हाईकोर्ट भेज दिया था।
अभिषेक बनर्जी की नई सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई कब होगी?
अभी तक सुनवाई की कोई तारीख तय नहीं हुई है। याचिका दायर कर दी गई है और सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।
अभिषेक बनर्जी कौन हैं?
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद हैं। वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और पार्टी के भीतर दूसरे सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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